ED को स्वतंत्र रूप से ही काम करना चाहिए: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी – The Lallantop

Spread the love

सोमवार, 1 अप्रैल को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की ED कस्टडी पर सुनवाई हुई. दिल्ली की राउज़ एवेन्यू अदालत ने प्रवर्तन निदेशायल की मांग पर सहमति जताई है. फ़ैसला सुनाया कि कथित शराब घोटाले की जांच के लिए केजरीवाल (Arvind Kejriwal) को 15 दिन की न्यायिक हिरासत में रखा जाएगा. केजरीवाल तो साफ़ कह रहे हैं कि उन्हें रिमांड से कोई समस्या नहीं है. मगर साथ में आरोप भी लगा रहे हैं कि ED उनकी पार्टी को ख़त्म करने के इरादे से काम कर रही है. विपक्षी दलों की तरफ़ से अक्सर ही ऐसे आरोप लगते रहे हैं कि नरेंद्र मोदी सरकार केंद्रीय जांच एजेंसियों का नाजायज़ इस्तेमाल करती है. इससे CBI और ED जैसे संस्थानों की विश्वसनीयता भी सवालों के घेरे में आई है. अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने इन आरोपों का जवाब दे दिया है.
एक प्रमुख तमिल चैनल थांती टीवी को दिए इंटरव्यू में नरेंद्र मोदी ने कहा,
हम न तो उनके काम में बाधा डालते हैं, न ही उन्हें निर्देश देते हैं. उन्हें स्वतंत्र रूप से ही काम करना चाहिए और न्यायपालिका के तराज़ू पर मापा जाना चाहिए.

अपनी बात को आधार देने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने कुछ आंकड़े गिनवाए. कहा कि ED के पास अभी लगभग 7,000 मामले हैं और इनमें से 3% से भी कम में नेता फंसे हुए हैं.
ये भी पढ़ें – सरकार के इशारे पर विपक्ष को निशाना बनाती है ED? आंकड़े क्या कहते हैं?
अपनी सरकार की कार्य-कुशलता दर्ज करवाने के लिए प्रधानमंत्री ने UPA सरकार के साथ तुलना की. दावा किया कि कांग्रेस सरकार के 10 सालों के शासन में केवल 35 लाख रुपये ही ज़ब्त किए गए थे. वहीं, नरेंद्र मोदी शासन में 2200 करोड़ रुपये ज़ब्त किए गए हैं.
‘केवल विपक्षी नेताओं को निशाना बनाया जाता है, भाजपा नेताओं को नहीं’ – इस आरोप पर उन्होंने कहा,
पार्टी चाहे जो भी हो, प्रक्रिया एक ही है. ED ख़ुद से कोई केस शुरू नहीं कर सकती. अलग-अलग विभागों को पहले मामले दर्ज करने के बाद ही कोई ऐक्शन लिया जाता है… PMLA क़ानून पहले से ही है, लेकिन उन्होंने इसका इस्तेमाल नहीं किया. उन्होंने न्यायपालिका को एक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया क्योंकि वे जानते हैं कि भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ मोदी की कार्रवाई नहीं रुकेगी. उन्हें लगता है कि वो अदालतों के ज़रिए इन संस्थाओं को रोक सकते हैं.

ये भी पढ़ें – ED की कहानी: काम-काज से लेकर इतिहास तक सब जान लीजिए!
इसी इंटरव्यू में नरेंद्र मोदी ने इलेक्टोरल बॉन्ड पर भी टिप्पणी की. असंवैधानिक क़रार दी गई स्कीम का बचाव किया.
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर भारतीय स्टेट बैंक ने इलेक्टोरल बॉन्ड से जुड़ी सारी जानकारी केंद्रीय चुनाव आयोग (ECI) को सौंप दी. आयोग ने जानकारी अपनी वेबसाइट पर चढ़ा दी. लोगों ने मिलान भी कर लिया. इधर-उधर से आरोप भी लगे. लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनावी बॉन्ड स्कीम को विफल मानने से इनकार कर दिया है. कहा कि उन्हीं की सरकार की स्कीम के कारण राजनीतिक फ़ंडिंग के सोर्स और लाभार्थियों की जानकारी सारी जनता के सामने है.
मुझे बताइए कि झटका लगने वाला मैंने ऐसा क्या किया? जो लोग आज इससे ख़ुश हैं, वो कल पछताएंगे. मैं इन विशेषज्ञों से पूछता हूं- 2014 से पहले कितने चुनाव हुए? उन चुनावों में ख़र्च तो हुआ होगा? क्या कोई संस्था बता सकती है कि वो पैसा कहां से आया?
आज मोदी ने चुनावी दस्तावेज़ बनाए, इसलिए आप इसके बारे में सर्च कर सकते हैं. आप पता लगा सकते हैं कि पैसा किसने दिया और किसने लिया. वर्ना कोई नहीं जानता था कि पैसा कहां से आया. हर मुद्दे में कुछ ख़ामियां हो सकती हैं. ख़ामियों को दूर किया जा सकता है.

इस इंटरव्यू में अलग-अलग राजनीतिक मसलों पर भी चर्चा हुई. कांग्रेस इस चर्चा में गाहे-बगाहे आ ही जा रही थी. प्रधानमंत्री मोदी ने तो उन्हें सलाह भी दी है कि ताक़त और प्रासंगिकता के लिए अपने अनुभवी नेताओं पर भरोसा करें, जो पार्टी की मूल विचारधाराओं को समझते हैं.
वीडियो: खर्चा-पानी: टॉप 10 डोनर्स ने BJP के बाद किसको सबसे ज्यादा चंदा दिया?
Advertisement
Advertisement
© 2024 LALLANTOP. All rights reserved.
© 2024 LALLANTOP. All rights reserved.
Advertisement

source

Previous post Lok Sabha Election 2024: आज उत्तराखंड, राजस्थान के दौरे पर पीएम मोदी, जनसभाओं को करेंगे संबोधित – Zee Business हिंदी
Next post Lok Sabha Election 2024: पहले चरण के लिए नामांकन की कल आखिरी तारीख, जानिए क्या है फर्स्ट फेज का – ABP न्यूज़

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *