PM Modi Interview Highlights: लोकसभा चुनाव 2024 से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्यूज एजेंसी एएनआई को एक इंटरव्यू दिया है. इस इंटरव्यू में पीएम मोदी ने 2047 के विजन, लोकसभा चुनाव 2024, भारत के विकास, इलेक्टोरल बॉन्ड समेत कई मुद्दों पर खुलकर बात की. इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों पर निशाना भी साधा. उन्होंने कहा कि वह और उनकी सरकार मिशन 2047 के लिए काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र हमारी रगों में होना चाहिए.
केंद्रीय जांच एजेंसियों पर सरकार के नियंत्रण और ईवीएम पर सवाल खड़े करने के विपक्षी दलों के आरोपों पर पीएम मोदी ने कहा कि असल में वो (विपक्षी दल) अपनी हार के लिए एक कारण खोज रहे हैं, जिससे हार का आरोप सीधे उन पर न लगे.
राम मंदिर के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “इस मुद्दे का राजनीतिकरण किसने किया?…वोट बैंक की राजनीति को मज़बूत करने के लिए इस मुद्दे को हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया गया और बार-बार इसे भड़काया गया. जब यह मामला अदालत में चल रहा था तब कोशिश की गई कि फैसला ना आए…उनके (विपक्ष) लिए यह एक राजनीतिक हथियार था…अब राम मंदिर बन गया तो उनके हाथ से यह मुद्दा ही चला गया है…”
कांग्रेस के आरोप पर कि ‘400 पार से संविधान रद्द हो जाएगा’ पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “जो व्यक्ति UN में जाकर दुनिया की सबसे पुरानी भाषा तमिल भाषा का गुणगान करता है, किस आधार पर उस व्यक्ति पर आप ऐसे आरोप कैसे लगा सकते हैं?….समस्या उनमें (विपक्ष) है वे देश को एक ही सांचे में ढालना चाहते हैं. हम विविधता की पूजा करते हैं…हम इसका जश्न मनाते हैं…”.
तथाकथित ‘उत्तर-दक्षिण विभाजन’ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ” भारत को टुकड़ों में देखना भारत के प्रति नासमझी का परिणाम है. अगर आप हिंदुस्तान में देखें प्रभु राम के नाम से जुड़े हुए गांव सबसे ज्यादा कहां है? तो वह तमिलनाडु में है. अब आप इसको कैसे अलग कर सकते हैं. विविधता हमारी ताकत है, हमें इसका जश्न मनाना चाहिए…”
कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “दुर्भाग्य से आज हमारे यहां शब्दों के प्रति कोई ज़िम्मेदारी ही नहीं है…मैंने एक नेता को कहते हुए सुना ‘एक झटके में मैं गरीबी हटा दूंगा.’ जिनको 5-6 दशक तक देश पर राज करने को मिला और वे आज कहते हैं कि मैं एक झटके में गरीबी हटा दूंगा. उन्हें सुनकर लोग सोचते हैं कि ये क्या बोल रहे हैं… हम ‘प्राण जाए पर वचन न जाए’ की महान परंपरा से निकले हैं. नेताओं को जिम्मेदारी लेनी चाहिए…आज हम जो कहते हैं उस पर लोगों को भरोसा है.”
पीएम मोदी ने इंटरव्यू में पूर्ववर्ती सरकारों और विपक्षी दलों में परिवारवाद की समस्या पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से पहले के राजनीतिक कल्चर में परिवार को कैसे मजबूत बनाना, परिवार की जड़ों को कोई उखाड़ न दे, इस पर ही सारी राजनीतिक शक्ति लगती थी. मैं देश को मजबूत करने के लक्ष्य पर काम करता हूं.
पीएम मोदी ने कहा कि ये आज कर रहा हूं ऐसा नहीं है, जब मैं गुजरात में था तब भी मैं इस दिशा में काम कर रहा था. 2024 के चुनाव में देश के सामने एक अवसर है. एक कांग्रेस और एक भाजपा का कार्यकाल. उनका 5-6 दशक का काल और मेरा 10 साल का काम. मुझे 10 साल में 2 साल तो कोविड की लड़ाई में जाना पड़ा और इसके बाद भी काफी प्रभाव रहा. इसके बाद हर पैरामीटर पर कांग्रेस के मॉडल से अलग मॉडल नजर आ रहा है. मुझे अगले टर्म में गति भी बढ़ानी है और स्केल भी बढ़ाना है.
उन्होंने कहा कि भारत की आजादी के 100 साल भारत में एक प्रेरणा जगनी चाहिए. दूसरा है 2024, ये जो चुनाव का क्रम है, वो आया हुआ क्रम है. ये दूसरी चीज है. लोकतंत्र में चुनाव को हल्के में नहीं लेना चाहिए. इसे उत्सव के रूप में मनाना चाहिए. चुनाव का माहौल अगर हम लोकोत्सव में बदल दें तो यह संस्कार बन जाएगा. लोकतंत्र हमारी रगों में और हमारे संस्कार में होना चाहिए.
इंटरव्यू में पीएम मोदी से उनके 2047 के लक्ष्य को लेकर सवाल किया गया. इस पर उन्होंने कहा कि 2047 और 2024 (लोकसभा चुनाव) दोनों अलग चीजें हैं. इन्हें एकदूसरे से मिलाना नहीं चाहिए. उन्होंने कहा कि जब देश आजादी के 75 साल मना रहा था, मैंने तभी ये कहना शुरू किया था कि 2047 देश की आजादी के 100 साल होंगे. ऐसे जो माइलस्टोन होते हैं वह लोगों में उत्साह भरते हैं. इस 25 साल का सर्वाधिक उपयोग कैसे करें.
डीएमके की हालिया ‘सनातन विरोधी’ टिप्पणी और उस पर जनता के आक्रोश पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “कांग्रेस से पूछा जाना चाहिए कि सनातन के खिलाफ इतना जहर उगलने वाले लोगों के साथ बैठना उनकी क्या मजबूरी है?…कांग्रेस की मानसिकता में ये कौन सी विकृति है…”
