मोदी बोले- परिवारवाद का खामियाजा कांग्रेस ने भुगता: एक प्रोडक्ट लॉन्च करने के चक्कर में दुकान पर ताला लगने … – Dainik Bhaskar

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की स्पीच पर धन्यवाद भाषण दे रहे हैं। इस मौके पर उन्होंने विपक्ष, कांग्रेस और परिवारवाद पर तीखे बयान दिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि एक ही प्रोडक्ट को कई बार लॉन्च करने के चक्कर में कांग्रेस की दुकान पर ताला लगने की नौबत आ गई। देश के साथ-साथ कांग्रेस ने भी परिवारवाद का खामियाजा भुगता।
मोदी ने कहा- ये विपक्ष कई दशक तक सत्ता में बैठा था, वैसे ही इस विपक्ष ने कई दशक तक विपक्ष में बैठने का संकल्प लिया है। ईश्वररूपी जनता के आशीर्वाद से ये अगले चुनाव में दर्शक दीर्घा में दिखेंगे। मोदी ने कहा कि अबकी बार 400 पार, ये बात देश ही नहीं खड़गेजी भी बोल रहे हैं। जनता भाजपा को 370 सीटें जरूर देगी।
प्रधानमंत्री मोदी के लोकसभा में भाषण की मिनट टू मिनट अपडेट नीचे देखिए….
लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने सदन की कार्यवाही मंगलवार (6 फरवरी) सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी है।
हमारे लिए नेशन फर्स्ट है। मैं सभी राजनीतिक दलों से सभी सदस्यों से अपील करता हूं- देश से बढ़कर कुछ नहीं। कंधे से कंधा मिलाकर हम देश के निर्माण के लिए आगे बढ़ें। मैं आपका साथ मांग रहा हूं। मैं विश्व के अंदर जो अवसर आया है, उसे भुनाने के लिए आपका साथ चाहता हूं। लेकिन आप अगर साथ नहीं दे सकते, आपका हाथ ईट फेंकने के लिए ही है, तो आपको बता दूं कि आपके फेंकी हर ईट पत्थर को विकसित भारत की नींव में लगा दूंगा। ये नामदार है, हम कामदार हैं। कामदारों केा नामदारों से सुनना ही पड़ता है। हम सुनते भी रहेंगे और देश को आगे बढ़ाते रहेंगे।
खुलेआम देश में अलग देश की वकालत करने वाले, जोड़ने की बातें छोड़ो तोड़ने की बात करते हैं। इतने टुकड़े करने के बाद भी आप कितने टुकड़े करना चाहते हैं। इसी सदन में कश्मीर की बात होती थी, चिंता का स्वर निकलता था, आज जम्मू कश्मीर में अभूतपूर्व विकास की चर्चा हो रही है। पर्यटन बढ़ रहा है। जी20 समिट होती है वहां, विश्व सराहना कर रहा है। 370 हटने से कश्मीर खुश है, यह दरार किसने डाली। नेहरू जी का नाम लेने पर उन्हें बुरा लगेगा, लेकिन कश्मीर की समस्या के मूल में वे ही थे। कश्मीर के लेागों को नेहरू जी की गलतियां की सजा चुकानी पड़ी।
देश सुरक्षा और शांति का एहसास कर रहा है। आतंकवाद नक्सलवाद छोटे दायरे में सिमट गए हैं। भारत की जीरो टॉलरेंस की नीति पूरे विश्व को इस रास्ते पर चलने को मजबूर कर रही हैं। भारतीय सेनाएं बार्डर से समुद्र तक मजबूती से अपना काम कर रही हैं।
जहां संविधान का राज है, जहां लोकतंत्र है, वहां ऐसी बातें लंबी नहीं चल सकती हैं। जांच करना एजेंसियों का काम है, एजेंसियां स्वतंत्र रहती हैं। जज करने का काम न्यायाधीशों का है। वे अपना काम कर रहे हैं। जिसको जितना जुल्म करना है, कर ले, मेरी भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी। जिसने देश को लूटा है, उसे लौटाना पड़ेगा। देश को लुटने नहीं दिया जाएगा।
सभी राजनीतिक दलों को भी सोचने की जरूरत है। आज देश का दुर्भाग्य है पहले क्लास में कोई चोरी करता था तो दस दिन तक किसी को अपना मुंह नहीं दिखाता था। आज जिस पर भ्रष्टाचार सिद्ध हो जाता है। चोरी में जेल हो आता है। उनका महिमा-मंडन किया जा रहा है। आपकी ऐसी कौन सी मजबूरी है।
अब बिचौलियों के लिए गरीबों काे लूटना मुश्किल हो गया है। डायरेक्ट बैनिफिट स्कीम से लोग लूटने से बचे। कांग्रेस के पीएम ने कहा था- एक रुपए भेजते हैं 15 पैसे पहुंचते हैं। हमने 30 लाख करोड़ भेजे, पूरे पहुंचे। हमने 10 करोड़ फर्जी नाम हटाए। उनकी व्यवस्था ऐसी थी, जिस बेटी का जन्म नहीं हुआ, उसे विधवा पेंशन जाती थी। हमने फर्जी नामों को हटाने से 3 लाख करोड़ रुपया गलत हाथों में जाने से बचाया।
पीएमएलए एक्ट में हमने दो गुने से अधिक केस दर्ज किए। कांग्रेस के समय ईडी ने पांच हजार करोड़ की संपत्ति जब्त की, हमारे समय में एक लाख करोड़ की संपत्ति जब्त की जिनका माल पकड़ा जाता हो, नोटों के बंडल पकड़े जाते हों, देश ये सब देखकर चौक जाता है।
भ्रष्टाचार पर एजेंसिया एक्शन ले रही हैं। उस पर भी इतना गुस्सा। क्या-क्या शब्द यूज हो रहे हैं। 10 साल पहले हमारे सदन में घोटाले और भ्रष्टाचार की चर्चा होती थी। तब सदन एक्शन की मांग करता था। आज जब भ्रष्टाचारियों पर एक्शन हो रहा है तो लोग उनके समर्थन में हंगामा करते हैं। इनके समय में, एजेंसियों का राजनीतिक उपयोग होता था, बाकी उनको कोई काम नहीं करने दिया जाता था।
दो दो युद्ध के बावजूद और 100 साल में आए सबसे बड़े संकट के बावजूद महंगाई कंट्रोल में है। यहां पर बहुत गुस्सा व्यक्त किया गया। उनका दर्द मैं समझता हूं। क्योंकि तीर निशाने पर नहीं लगा।
अगर जमीन न हो तो अपने गमले और कनस्तर में सब्जी उगा लें, ऐसी सलाह उच्च पद पर बैठे हुए लोग देते हैं। महंगाई पर दो गाने सुपरहिट हुए- एक महंगाई मार गई, और दूसरा महंगाई डायन खाए जात हैं। ये दोनों गाने कांग्रेस शासन में आए। सरकार ने तब कहा था- महंगी आइसक्रीम खा सकते हो, महंगाई का रोना क्यों रोते हो। कांग्रेस जब भी आई, महंगाई को मजबूत किया।
इतिहास गवाह है जब भी कांग्रेस आती है, महंगाई लाती है। कभी कहा गया था- हर चीज की कीमत बढ़ जाने की वजह से मुसीबत बढ़ी है। पंडित नेहरू ने लाल किले से कहा था। दस साल बाद- आप लोग आज कल भी कुछ दिक्कतों में हैं, परेशानियों में है महंगाई की वजह से। कुछ तो लााचारी है, कुछ तो वजह है कि महंगाई काबू में नहीं आ पा रही है। ये भी नेहरू जी ने कहा था। वे हर बार कहते रहे महंगाई कंट्रोल नहीं हो रही। जब देश आगे बढ़ता है तो कुछ हद तक महंगाई भी बढ़ती है।
एनर्जी के क्षेत्र में हम हमेशा डिपेंडेंट रहे। इसमें आत्मनिर्भर बनने के लिए हम ग्रीन एनर्जी पर काम कर रहे हैं। हम हाइड्रोजन पर काम कर रहे हैं। आने वाले समय में सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में भारत आगे बढ़ेगा। इन सारे कारणों से क्वालिटी जॉब की संभावनाएं बहुत बढ़ने वाली हैं। हमने अलग से स्किल मिनिस्ट्री बनाई है।
ईपीएफओ में 10 साल में 18 करोड़ नए सस्क्राइबर आए। मुद्रा लोन में 8 करोड़ लोगों ने पहली बार नया रोजगार शुरू किया। 2014 से पहले इन्फ्रास्ट्रक्चर का 12 हजार करोड़ का बजट था। बीते दस सालों में 44 लाख करोड़ खर्च हुए। हम भारत को मैन्यूफेक्चरिंग का हब बनाने के लिए व्यवस्थाएं बना रहे हैं।
दस साल में टूरिज्म सेक्टर में अभूतपूर्व उछाल आया। कम से कम पूंजीनिवेश में अधिक से अधिक लोगों को रोजगार देने वाला अवसर बना। 10 साल में एयरपोर्ट दो गुने बने। भारत दुनिया का तीसरा बड़ा एविएशन सेंटर बना। भारत की जो एयरलाइंस हैं, उन्होंने 1000 नए एयरक्राफ्ट का ऑर्डर दिया। जब ये एयरक्राफ्ट आएंगे तो रोजगार के अवसर बड़ेंगे। पायलट, क्रू, टेक्निकल स्टाफ को नौकरी मिलेगी। इकोनॉमी को फॉर्मुलाइज करना हमारी जिम्मेदारी। लोगों को नौकरी मिले, सिक्योरिटी मिले।
आज भारत दुनिया की अग्रणी डिजिटल इकोनॉमी है। आने वाले समय में डिजिटल इंडिया मूवमेंट युवाओं के लिए अनेक रेाजगार लेकर आएगा। एक तरफ सस्ता मोबाइल मिला, दूसरी तरफ सस्ता डाटा, इससे देश के युवाओं का मिजाज बदला। ये सारे काम हमारे नौजवानों के लिए सबसे ज्यादा रोजगार लाने वाले बने।
पहली बार मछुआरों के लिए अगल मंत्रालय बना। हमने पशुओं को 50 करोड़ से ज्यादा के टीके लगाए हैं। भारत में युवाओं के लिए आज जितने अवसर बने हैं, पहले कभी नहीं बने। चारों तरफ आज स्टार्टअप की चर्चा है। डिजिटल क्रिएटर एक बहुत बड़ा वर्ग है। यह नए आर्थिक साम्राज्य की नई पहचान है। ये सेक्टर युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बना रहा है।
किसानों के लिए आंसू बहाने की आदत बहुत देखी है। कांग्रेस के समय कृषि के लिए वार्षिक बजट 25 हजार करोड़ हमारी सरकार का बजट सवा लाख करोड़ है। कांग्रेस ने दलहन और तिलहन की खरीदी की हो पता नहीं। हमने सवा लाख करोड़ की दलहन और तिलहन खरीदी। किसानों में झूठा नरेटिव फैलाया गया मोदी चुनाव जीत गया तो किसान सम्मान निधि ब्याज समेत वापस लेगा। लेकिन हमने इसे जारी रखा।
पहले ये सवाल होती थी प्रेग्नेंट होने पर नौकरी नहीं कर पाओगी। आज 36 हफ्ते की पेड लीव और आगे भी जरूरत होने पर छुट्‌टी मिलती हैं। आज लोग पूछ रहे हैं मैडम आपके स्टार्ट अप में मुझे नौकरी मिलेगी। बेटी की उम्र बढ़ने पर पूछा जाता था कि शादी कब करोगी। आज पूछा जाता है कि बेटी पर्सनल और प्रोफेशनल देानों काम कैसे बढ़िया कर लेती हो। पहले पूछा जाता था कि घर के मालिक घर पर हैं कि नही। घर के मुखिया को बुलाइये। आज घर महिला के नाम पर। बिजली का बिल उसके नाम पर गैस कनेक्शन उसके नाम पर। ये बदलाव अमृतकाल में हुआ।
हमारे देश में बेटियों के संबंध में पहले जो सोच थी, आज वो तेजी से बदल रही है। पहले बेटी का जन्म होता था तो खर्चे की चर्चा होती थी, जैसे वो बोझ हो। आज बेटी पैदा होती है तो पूछा जाता है कि सुकन्या समृद्धि अकाउंट खोला या नहीं।
पिछले दस वर्षों में नारी शक्ति के सशक्तीकरण के लिए अनेक कदम उठाए गए। अब देश की बेटी के लिए देश के हर संस्थान के दरवाजे खुले हैं। हमारे देश की बेटियां आज फाइटर जेट भी उड़ा रही है, देश की सीमाओं को भी सुरक्षित रख रही हैं। आज देश में करीब-करीब एक करोड़ लखपति दीदी हैं। आने वाले हमारे कार्यकाल में तीन करोड़ लखपति दीदी देश में होंगी।
कांग्रेस के हमारे साथियों को आजकल बहुत चिंता सताती है कि सरकार में कितने ओबीसी हैं कितने पद पर हैं। मैं हैरान हूं उन्हें इतना बड़ा ओबीसी मैं खुद नजर नहीं आता। ये यूपीए के समय एक एक्ट्रा कॉन्स्टिट्यूशन कमेटी बनाई गई। उसमें कोई ओबीसी नहीं था।
यूपीए सरकार ने ओबीसी नेताओं का अपमान करने का काम किया। हमने कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न दिया। 1970 में वे बिहार के सीएम बने, उनको हटाने के लिए षड़यंत्र रचे गए। 1987 में कांग्रेस ने कर्पूरी ठाकुर को प्रतिपक्ष के नेता के रूप में स्वीकार करने से मना किया। कहा- कि वे संविधान का सम्मान नहीं कर सके।
खादी को कांग्रेस ने भुला दिया था। खादी के साथ करोड़ों बुनकरों की जिंदगी लगी है। हमने उनका विकास किया। जिनके लिए वोट बैंक ही था, उनके लिए उनका विकास संभव नहीं था। हमारे लिया उनका कल्याण राष्ट्र का कल्याण है, इसलिए हम उनके विकास कर रहे हैं।
विश्वकर्मा साथियों के बारे में पहली बार सोचा गया। उन्हें ट्रेनिंग के साथ मार्केट भी मुहैया कराया गया। देश में पहली बार जनजातियों में जिनकी संख्या कम है, उनके बारे में भी सोचा गया। सरहद के जो गांव थे, जिन्हें आखिरी गांव कहकर छोड़ दिया गया था। हमने उन्हें पहला गांव बनाकर विकास की राह से जोेड़ दिया। देश में 3 करोड़ से ज्यादा छोटे किसान हैं, जो मोटा अनाज उगा रहे हैं। करोड़ों गृह उद्योग, लघु उद्योग और कुटीर उद्योग का विकास किया।
11 करोड़ परिवारों को पीने का शुद्ध पानी नलों से मिल रहा है। 55 करोड़ लोगों को आयुष्मान कार्ड मिला है। 80 करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज की सुविधा दी गई। मोदी ने उनको पूछा, जिनको पहले कोई पूछता तक नहीं था। देश में पहली बार रेहड़ी पटरी वाले साथियो के बारे में सोचा गया। उन्हें आसानी से बैंक लोन मिला।
10 सालों में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए। मैंने हमेशा कहा है, गरीब को अगर साधन मिले, संसाधन मिले, स्वाभिमान मिले तो हमारा गरीबी को परास्त करने का सामर्थ रखता है। मैंने वो रास्ता चुना, और गरीबों ने वो करके दिखाया। हमने गरीबों को साधन, संसाधन और स्वाभिमान दिया।
मैंने लाल किले से कहा था, राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा पर दोहराया था। देश को अगले हजार वर्षों तक समर्द्ध और सिद्धि के लिए देखता हूं। अगला कार्यकाल देश की मजबूत नींव रखने के लिए होगा। मैं भारतवासियों के लिए उनके भविष्य के लिए उम्मीद से भरा हुआ हूं।
अबकी बार 400 पार। पूरा देश कह रहा है और खड़गे जी भी कह रहे हैं कि अबकी बार चा सौ पार। मैं इन आंकड़ों के चक्कर में नहीं पड़ता। देश का मिजाज जो है, एनडीए को 400 पार कराएगा, भाजपा को 370 सीटें देगा। हमारा तीसरा कार्यकाल बहुत बड़े फैसलों का होगा।
अंग्रेजी सरकार के दंड प्रधान कानूनों से हटकर के हमने न्याय देने वाले कानून बनाए। भारत ने अमृत भारत और नमो भारत ट्रेनों से भविष्य के सपनों को देखा है। देश के गांव-गांव ने विकसित भारत के संकल्प की यात्रा देखी है। उसके हक की चीज उसके दरवाजे पर देने का प्रयास किया है। भगवान राम न सिर्फ अपने घर लौटे बल्कि एक ऐसे मंदिर का निर्माण हुआ, जो भारत की संस्कृति को महान ऊर्जा देता रहेगा।
दूसरे कार्यकाल में हमने विकसित भारत की नींव रखी। तीसरे कार्यकाल में हम उज्ज्वल भारत बनाएंगे। जिन उपलब्धियों का देश इंतजार कर रहा था, वो सब हमने दूसरे कार्यकाल में पूरे होते देखे। हम सबने 370 खत्म होते देखा। इन्हीं सांसदों के सामने उनके वोट की ताकत से 370 गया। नारी शक्ति वंदन अधिनियम दूसरे कार्यकाल में बना। अंतरिक्ष से ओलिंपिक तक, संसद से लेकर सशस्त्र बल तक नारी शक्ति का सशक्तीकरण देश ने देखा। पूरे देश ने सालों से अटकी, भटकी, लटकी योजनाओं का समय पर पूरा होते देखा।
कांग्रेस के लोगों ने नया-नया मोटर मैकेनिक का काम सीखा है, इसलिए एलाइन्मेंट क्या होता है, इसका ज्ञान तो हो गया होगा। लेकिन एलाइन्स का एलाइन्मेंट बिगड़ गया। देश की जनता ने जब हमें पहली बार मौका दिया तब हम गड्‌ढे भरते रहे।
आज भी कांग्रेस में वही सोच देखने को मिलती है। कांग्रेस का विश्वास हमेशा सिर्फ एक परिवार पर रहा। एक परिवार के आगे न वे कुछ सोच सकते हैं। न देख सकते हैं। कुछ दिन पहले भानुमति का कुनबा जोड़ा, लेकिन फिर एकला चलो रे।
ये ना समझिए वे कौमें किसी जादू से खुशहाल हो गईं, वे अपनी मेहनत से हुई हैं। यानी नेहरू जी की भारतीयों के प्रति सोच थी कि भारतीय आलसी और कम अकल के हैं। इंद्रा जी की सोच भी उससे ज्यादा अलग नहीं थी।
इंद्रा जी ने लाल किले से 15 अगस्त को कहा था- दुर्भाग्यवश हमारी आदत यह है कि जब कोई शुभ काम पूरा होने को होता है, तो हम आत्मतृप्त हो जाते हैं, कठिनाई आने पर नाउम्मीद हो जाते हैं। कभी कभी तो लगता है कि पूरे राष्ट्र ने पराजय भाव को अपना लिया है।
कांग्रेस ने देश के सामर्थ्य पर कभी विश्वास नहीं किया। वे अपने आपको शासक मानते रहे, और जनता को छोटा मानते रहे। देश के नागरिकों के लिए वे कैसा सोचते थे, 15 अगस्त लाल किले पर पीएम नेहरू ने कहा था- हिंदुस्तान में काफी मेहनत करने की आदत आमतौर पर नहीं है। हम इतना काम नहीं करते हैं, जितना जापान, चीन, रूस, अमेरिका वाले करते हैं।
कांग्रेस की रफ्तार से ये घर बने होते तो 100 साल लगते इतना काम करने में। 5 पीढ़ियां गुजर जातीं। 10 साल में 40 हजार किलोमीटर रेलवे ट्रैक का इलेक्ट्रीकरण हुआ। कांग्रेस को 80 साल लगते, 4 पीढ़िया गुजर जातीं। 4 करोड़ गैस कनेक्शन दिए। कांग्रेस को 60 साल लगते, 3 पीढ़ियां गुजर जाती। हमारी सरकारी में सेनिटेशन 40 से 100 परसेंट पर पहुंचा। कांग्रेस को 60 साल लग जाते।
हमारे काम की स्पीड और हमारा हौसला आज दुनिया देख रही है। उत्तर प्रदेश में एक कहावत है- नौ दिन चले अढाई कोस। ये कहावत कांग्रेस को परिभाषित करती है। कांग्रेस की सुस्त रफ्तार का कोई मुकाबला नहीं।
ये लोग 2014 में कहते थे- 2044 तक हम दुनिया की तीसरी अर्थव्यवस्था बनेंगे। ये लोग सपना देखने की भी हिम्मत नहीं जुटा पाते। मैं विश्वास दिलाता हूं। तीस साल नहीं लगेंगे। मोदी की गारंटी है, मेरे तीसरे कार्यकाल में देश तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगी। आपको अगर 11 वें नंबर पर पहुंचने की खुशी है तो पांचवे पर पहुंचने की भी खुशी होनी चाहिए। ये देश की उपलब्धि है।
10 साल पहले 2014 में फरवरी महीने में जो अंतरिम बजट आया था उस समय कौन थे, सबको पता है। उस बजट को पेश करते वक्त तब के वित्त मंत्री ने कहा था- आई नाउ विश टू लुक फॉरवर्ड हाउ मैनी। 2014 पर 11वीं अर्थ व्यवस्था होने पर गर्व है। आज 5वीं अर्थ व्यवस्था होने पर भी खुशी नहीं है।
जब हम दुनिया की तीसरी बड़ी आर्थिक शक्ति बनने की बात कहते हैं तो विपक्षी कुतर्क देते हैं, कहते हैं वो तो अपने आप हो जाएगा। सरकार की भूमिका क्या होती है देश और युवाओं काे बताना चाहता हूं कि होता कैसे है।
भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दुनिया सराह रही है। जी20 में दुनिया ने देखा है कि पूरा विश्व भारत के लिए क्या सोचता है। इस 10 साल के अनुभव के आधार पर, इस मजबूत अर्थव्यवस्था को देखते हुए मैं विश्वास से कह सकता हूं। हमारे तीसरे टर्म में भारत दुनिया की तीसरी बड़ी आर्थिक ताकत बनेगा। ये मोदी की गारंटी है।
कांग्रेस में एक कैंसिल कल्चर डेवलप हुआ है। हम कहते हैं मेक इन इंडिया तो वे कहते हैं, कैंसिल, वंदेभारत, आत्मनिर्भर भारत, नई संसद। कांग्रेस कहती है कैंसिल। ये मोदी की उपलब्धि नहीं, देश की उपलब्धि है।
किसी परिवार के दो लोग तरक्की करें तो स्वागत है, 10 लोग तरक्की करें तो स्वागत है। लेकिन परिवार ही पार्टी चलाए। उसका बेटा ही अध्यक्ष बने, इसका विरोध होना चाहिए। कांग्रेस एक परिवार में उलझ गई। देश के करोड़ों परिवार की आकांक्षाएं और उपलब्धियां वे देख नहीं सकती।
हम किस परिवारवाद की बात कर रहे हैं। अगर किसी परिवार ने अपने बलबूते पर तरक्की की है, तो हम उसका विरोध नहीं करते। हम उस परिवारवाद का विरोध करते हैं, जो परिवार पार्टी चलाता है। पार्टी के सारे फैसले परिवार लेता है। अमित शाह के परिवार की पार्टी नहीं है, राजनाथ के परिवार की भी कोई पार्टी नहीं है। देश के लोकतंत्र के लिए परिवारवाद की राजनीति चिंता का विषय है।
हालत देखिए खड़गे जी इस सदन से उस सदन में शिफ्ट हो गए। गुलाम नबी जी पार्टी से ही शिफ्ट कर गए। ये सब परिवारवाद के चक्कर में शिफ्ट हुए। ये सब एक ही प्रोडक्ट को लॉन्च करने के चक्कर में दुकान को ताला लगने की नौबत आ गई।
न खुद ऐसा किया, न दूसरे उत्साही युवा सांसदों को ऐसा करने दिया। यंग जनरेशन को इसलिए मौका नहीं दिया कि किसी और का चेहरा न दब जाए। देश को एक अच्छे और स्वस्थ्य विपक्ष की बहुत जरूरत है। देश ने जितना परिवारवाद का खामियाजा उठाया है, उतना ही खामियाजा कांग्रेस ने भी उठाया है।
आपकी सोच की मर्यादा देश को दुखी करती है। जनता कहती है कि आपके नेता तो बदलते हैं, टेप रिकॉर्डर वही है। नई बात सामने नहीं आती। पुरानी डफली, पुराना राग। चुनाव का टाइम है। कुछ तो अच्छा करते। आज विपक्ष की जो हालत है, इसकी दोषी कांग्रेस पार्टी है। कांग्रेस केा एक अच्छा विपक्ष बनने का अवसर मिला। 10 साल में कई मौके मिले होंगे, लेकिन उन्होंने ऐसा किया नहीं।
राष्ट्रपति ने चार मजबूत स्तंभों का उल्लेख किया है। नारी शक्ति, युवा शक्ति, गरीब और किसान, मछुआरे और पशुपालक। इनके सशक्तीकरण से देश विकसित भारत बनेगा। अधीर रंजन ने कहा- माइनॉरिटी कहां है तो मोदी बोले- आपके यहां नारी, युवा, गरीब, किसान और मछुआरे शायद माइनॉरिटी नहीं होती क्या? कब तक देश को टुकड़ों में देखोगे।
राष्ट्रपति का भाषण एक प्रकार से तथ्यों के आधार पर, हकीकत के आधार पर एक बहुत बड़ा दस्तावेज है। जो देश के सामने राष्ट्रपति जी लाती हैं। इस पूरे दस्तावेज को आप देखेंगे तो उस हकीकत को समेटने का प्रयास किया है, जिससे देश स्पीड से प्रगति कर रहा है। किस तेजी के साथ गतिविधियों का विस्तार हो रहा है, उसका लेखा जोखा राष्ट्रपति जी ने दिया।
मैं देख रहा हूं आप में से बहुत लोग चुनाव लड़ने का हौसला भी खो दिए हैं। मैंने सुना है सीट बदलने की तैयारी में है। बहुत से लोग लोकसभा की जगह राज्यसभा में जाने वाले हैं।
PM ने कहा- विपक्ष की एक-एक बात से मेरा और देश का विश्वास पक्का हो गया है। मैंने लंबे समय तक वहां नहीं रहने का संकल्प लिया है। विपक्ष कई दशक तक जैसे यहां (सत्ता) बैठे थे, वैसे कई दशक तक वहां (विपक्ष) बैठने का संकल्प लिया है। जिस पर आप मेहनत कर रहे हैं, ईश्वर रूपी जनता आपको जरूर आशीर्वाद देगी। आप अगले चुनाव में दर्शक दीर्घा में दिखेंगे।
प्रधानमंत्री ने विपक्ष को लेकर कहा- मैंने जब यहां से देखा, तो वाकई इस नए सदन में राष्ट्रपति जी की अगवानी का दृश्य सुखद था। 60 से ज्यादा सदस्य ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर विचार व्यक्त किए। मैं सभी का आभार व्यक्त करता हूं। विशेष रूप से विपक्ष ने जो संकल्प लिया है। उसकी सराहना करता हूं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर धन्यवाद भाषण दे रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा- 75वां गणतंत्र दिवस, संसद का नया भवन, सेंगोल की अगुआई। ये सारा दृश्य अपने आप में बहुत ही प्रभावी था।
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