देवरिया।जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने आईजीआरएस प्रकरणों के निस्तारण में लापरवाही एवं त्रुटिपूर्ण आख्या लगाए जाने को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि शिकायतों का वास्तविक समाधान किए बिना निस्तारण आख्या अंकित करना स्वीकार्य नहीं होगा। सभी अधिकारी शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण, तथ्यपरक और समयबद्ध निस्तारण करें, अन्यथा कठोर कार्रवाई की जाएगी।
आईजीआरएस सेल के पटल सहायक बृजेंद्र चौधरी एवं रिचा सिंह द्वारा प्राप्त फीडबैक की समीक्षा के दौरान कई मामलों में बिना संतोषजनक समाधान के आख्या अपलोड किए जाने की स्थिति सामने आई। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई और तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
समीक्षा में ग्राम पचौरा निवासी सदाशिव की चकमार्ग सीमांकन संबंधी शिकायत में बिना वास्तविक निस्तारण के आख्या लगाए जाने पर उपजिलाधिकारी सदर की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे। वहीं पथरदेवा क्षेत्र के ग्राम चिगनीभार निवासी संतोष कुशवाहा की रास्ते से अतिक्रमण हटाने संबंधी शिकायत में तहसीलदार सदर की आख्या भी संतोषजनक नहीं पाई गई। दोनों मामलों में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए गए।
इसी प्रकार टाउन एरिया भाटपाररानी निवासी रितुल विशेन की नाली निर्माण संबंधी शिकायत, टाउन एरिया भटनी निवासी कृष्णा सिंह व अन्य की क्षतिग्रस्त वाटर प्लांट की मरम्मत संबंधी शिकायत तथा मझौलीराज निवासी मनोज कुमार की फर्जीवाड़ा संबंधी शिकायत में संबंधित अधिशासी अधिकारियों को आईजीआरएस निस्तारण प्रणाली में सुधार लाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी अधिकारी शिकायतकर्ता से संपर्क, स्थलीय सत्यापन और वास्तविक समाधान के बाद ही पोर्टल पर आख्या अपलोड करें।
