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Lok Sabha Election 2024 Date: देश में होने वाले लोकसभा चुनाव की तारीखो का ऐलान कर दिया गया है. मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने बताया कि देश में सात चरणों में चुनाव कराए जाएंगे. यूपी की लखनऊ और रायबरेली सीट पर पांचवें चरण में ही वोटिंग होगी.
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने बताया कि 19 अप्रैल को पहले चरण की वोटिंग होगी. उसके बाद 26 अप्रैल को दूसरे चरण, 7 मई को तीसरे, 13 मई को चौथे, 20 मई को पांचवें, 25 मई को छठे और एक जून को आखिरी चरण का मतदान होगा. इसके अलावा चार जून को चुनाव के नतीजे घोषित किए जाएंगे.
यूपी की जिन लोकसभा सीटों पर 20 मई को वोटिंग होगी, उनमें मोहनलालगंज, लखनऊ, रायबरेली, अमेठी, जालौन, झांसी, हमीरपुर, बांदा, फतेहपुर, कौशाम्बी, बाराबंकी, फैजाबाद, कैसरगंज और गोंडा लोकसभा क्षेत्र शामिल हैं.
2019 में यूपी में कांग्रेस को मिली थी सिर्फ एक सीट
कभी यूपी की सियासत जिस पार्टी के इर्द-गिर्द घूम रही थी, वो पार्टी सिर्फ एक सीट तक ही सिमट गई. कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी इस सीट से चुनकर संसद पहुंची थीं. वहीं तत्कालीन पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी अमेठी सीट से चुनाव हार गए थे. हालांकि इस बार सोनिया गांधी ने लोकसभा चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है. उन्होंने रायबरेली की जनता को भावुक चिट्ठी लिखकर कहा कि अब उनकी उम्र हो गई है और वो चुनाव नहीं लड़ सकती हैं. इसके बाद वह राजस्थान से राज्यसभा चली गईं.
बता दें कि यूपी में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच गठबंधन हुआ है, जिसके तहत रायबरेली सीट कांग्रेस को ही मिली है यानी इस सीट पर कांग्रेस का प्रत्याशी मैदान में होगा. हालांकि सोनिया गांधी के बाद इस सीट पर कौन उम्मीदवार होगा, वो नाम तय नहीं हुआ है. कयास लगाए जा रहे हैं कि पार्टी इस सीट पर प्रियंका गांधी को टिकट देकर चुनावी मैदान में उतार सकती है.
अबतक कांग्रेस के 82 उम्मीदवारों का ऐलान
लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस अबतक अपने उम्मीदवारों की दो लिस्ट जारी कर चुकी है. पहली लिस्ट में 39 तो दूसरी में 43 उम्मीदवारों का ऐलान किया गया है, लेकिन अमेठी और रायबरेली से कांग्रेस की तरफ से कौन चुनावी ताल ठोकेगा, इसे लेकर तस्वीर साफ नहीं है. पहली लिस्ट में क्लीयर हो गया है कि राहुल गांधी केरल की वायनाड सीट से चुनाव लड़ेंगे. हालांकि उनके अमेठी को लेकर अबतक कुछ क्लीयर नहीं हुआ है, लेकिन पार्टी की ओर से ये भी कहा जा रहा है कि कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी ने अबतक यूपी के उम्मीदवारों पर फैसला नहीं लिया है.
कांग्रेस के पक्ष में रायबरेली सीट का इतिहास
रायबरेली लोकसभा सीट के चुनावी अतीत की बात करें तो ये कांग्रेस के पक्ष में नजर आता है. अब तक के चुनावी इतिहास पर नजर डालें तो बस तीन ही मौके ऐसे आए हैं जब इस लोकसभा सीट से कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार को हार का मुंह देखना पड़ा हो. 1977 में कांग्रेस पहली बार रायबरेली हारी थी. तब भारतीय लोकदल के राजनारायण ने इंदिरा गांधी को 55 हजार वोट से अधिक के अंतर से शिकस्त दे दी थी.
रायबरेली में कांग्रेस को दूसरी शिकस्त 1996 और 1998 में तीसरी हार मिली थी. 1999 में कैप्टन सतीश शर्मा ने ये सीट फिर से कांग्रेस की झोली में डाल दी. इसके बाद पार्टी का गढ़ बचाने के लिए 2004 में खुद सोनिया गांधी चुनाव मैदान में उतरीं. रायबरेली की जनता ने उन्हें करीब ढाई लाख वोट के अंतर से बड़ी जीत का तोहफा दिया. इसके बाद हर चुनाव में सोनिया गांधी ने रायबरेली से बड़ी जीत दर्ज की.
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