Lok Sabha Elections 2024 : तमिलनाडु में PMK की वन्नियार समुदाय पर मजबूत पकड़, गठबंधन में शामिल होने से एनडीए के हौसले बुलंद – Patrika News

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locationनई दिल्लीPublished: Mar 23, 2024 08:57:20 am
Shaitan Prajapat
Lok Sabha Elections 2024 : तमिलनाडु के कई उत्तरी जिलों में पीएमके मजबूत स्थिति में है। 2019 के लोकसभा चुनावों में पीएमके ने सात सीटों पर चुनाव लड़ा और एक भी सीट नहीं जीत पाई। पढ़िए संतोष तिवारी की विशेष रिपोर्ट…
Lok Sabha Elections 2024 : आखिरकार तमाम राजनीतिक कयासों पर विराम लगाते हुए तमिलनाडु में पीएमके (पाट्टाली मक्कल काची) ने भाजपा नीत एनडीए से हाथ मिला लिया। सीट बंटवारे की भी घोषणा कर दी गई है। पीएमके को दस सीटें मिली हैं। वन्नियार प्रभुत्व वाले इस राजनीतिक दल को एनडीए में शामिल करने के लिए बीजेपी प्रदेश इकाई और राष्ट्रीय नेतृत्व लंबे समय से जोर आजमाइश कर रहे थे। पिता व पुत्र डॉ.रामदास और अंबुमणि रामदास के बीच अन्नाद्रमुक या फिर बीजेपी के साथ जाने को लेकर खींचतान चल रही थी। अब स्थिति साफ हो गई है। पीएमके के एनडीए के साथ जुड़ने से भाजपा खेमे का हौसला बुलंद है। हालांकि एनडीए पहले से ही तमिल मनीला कांग्रेस, आइजेके, ओपीएस गुट, शरतकुमार का समर्थन हासिल करने में कामयाब रही है।
तमिलनाडु के कई उत्तरी जिलों में पीएमके मजबूत स्थिति में है। 2014 के आम चुनाव में पीएमके ने एनडीए के साथ आठ निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव लड़ा और धर्मपुरी से एक सीट जीती। 2019 में पीएमके अन्नाद्रमुक के नेतृत्व वाले गठबंधन का हिस्सा थी जिसमें भाजपा भी शामिल थी। 2019 के लोकसभा चुनावों में पीएमके ने सात सीटों पर चुनाव लड़ा और एक भी सीट नहीं जीत पाई।
इन जिलों में प्रभावी

पीएमके उत्तरी तमिलनाडु की एक प्रमुख जाति, वन्नियार समुदाय पर मजबूत पकड़ रखती है। वन्नियार राज्य में सबसे पिछड़े वर्गों (एमबीसी) में आने वाली 35 से अधिक जातियों में से एक है। पीएमके वेलूर, रानीपेट, कडलूर, कांचीपुरम, चेंगलपेट, तिरुवल्लूर और विल्लुपुरम जैसे जिलों में प्रभावी है, जिन्हें वन्नियारों का गढ़ माना जाता है।
चुनौतियां भी

राजनीति के पंडितों का यह कहना है कि जिन क्षेत्रों में भाजपा मजबूत है, वहां पीएमके कमजोर है। जहां पीएमके अच्छी स्थिति में है, वहां भाजपा का कोई खास प्रभाव नहीं है। पीएमके की दूसरी चुनौती अपनी पार्टी में सभी को साथ लेकर चलने की भी होगी क्योंकि पार्टी का एक धड़ा भाजपा के साथ जाने के खिलाफ था। पीएमके नेता अंबुमणि रामदास पार्टी के लिए बड़ा चेहरा हैं। वे केंद्र में मंत्री रह चुके हैं।

पार्टी की स्थिति

वर्ष 1998 के लोकसभा चुनाव में 4 सीटें जीतीं, 6 प्रतिशत वोट मिले। वर्ष 1999 के लोकसभा चुनाव में 5 सीटें जीतीं, 8 प्रतिशत वोट मिले। पीएमके ने 2021 के विधानसभा चुनावों में 5 सीटों पर जीत हासिल की थी।
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