समतावाद की स्थापना को समर्पित हैं भंते महेंद्र : चंद्रभूषण 

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देवरिया। जनपद के रामपुर कारखाना क्षेत्र स्थित डुमरी कार्यालय पर बौद्ध भिक्षु भंते महेंद्र का जन्मदिन उनके अनुयायियों द्वारा श्रद्धा व उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सामाजिक न्याय मंच के जिला संयोजक चंद्रभूषण सिंह यादव ने कहा कि महामना बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर स्थित भदंत ज्ञानेश्वर बुद्ध विहार के विहाराधिपति भंते महेंद्र समतावादी विचारधारा के सशक्त संवाहक हैं। उनका संपूर्ण जीवन बुद्धिज़्म और सामाजिक समता की स्थापना को समर्पित है।
उन्होंने कहा कि भंते महेंद्र पाखंडवाद से समाज को मुक्त कर वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। बुद्ध विहार निर्माण से लेकर धम्म प्रचार तक उनका योगदान प्रेरणादायी है। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने केक काटकर भंते महेंद्र के दीर्घायु व उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।

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'दोस्त मुल्कों से मांगना पड़ा कर्ज' शहबाज शरीफ ने भावुक होते हुए कहा, 'मैं आपको कैसे बताऊं कि हमने किन-किन दोस्त मुल्कों के दर पर जाकर कर्ज की दरखास्तें दीं. उन मुल्कों ने हमें मायूस तो नहीं किया, लेकिन जो कर्ज लेने जाता है, उसका सिर हमेशा झुका रहता है.' 'कर्ज मांगने पर इज्जत से समझौता करना पड़ता है' शहबाज ने स्पष्ट शब्दों में माना कि जब कोई देश आर्थिक मदद मांगता है, तो उसे अपनी 'इज्जत-ए-नफ्स' (आत्मसम्मान) के साथ समझौता करना पड़ता है और कर्ज देने वालों की ऐसी शर्तें (Obligations) माननी पड़ती हैं, जिनका बोझ उठाना नामुमकिन होता है. यह भी पढ़ें- मुनीर ने ट्रंप को दिखाया ठेंगा! ईरान पर हमले को लेकर अमेरिका को ही दे डाली नसीहत गौरतलब है कि शहबाज की यह स्वीकारोक्ति ऐसे समय आई है जब पाकिस्तान के आर्थिक हालात लगातार बिगड़ रहे हैं और पारंपरिक सहयोगी देश भी अब केवल मदद नहीं, बल्कि व्यापार, निवेश और नवाचार आधारित साझेदारी की उम्मीद कर रहे हैं. पहले भी कर चुके ऐसी बातें शरीफ पहले भी कह चुके हैं कि वे दुनिया में भीख का कटोरा लेकर घूमना नहीं चाहते, लेकिन इस बार उन्होंने खुलकर स्वीकार किया कि पाकिस्तान को जिस स्थिति का सामना करना पड़ रहा है, वह बेहद शर्मनाक और असहज करने वाली है. कर्ज तले दबा पाकिस्तान पाकिस्तान न केवल IMF और विश्व बैंक का कर्जदार है, बल्कि वह चीन और सऊदी अरब से लिए गए भारी कर्ज के बोझ के तले दबा है. दिसंबर 2025 तक पाकिस्तान का कुल विदेशी ऋण लगभग 52.366 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच चुका है. Next post हाथ फैलाया, सिर झुकाया, शर्मिंदगी उठाई.. शहबाज शरीफ का बड़ा कुबूलनामा, खुद बताया- भीख मांगना PAK की मजबूरी

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