बुलंद सिटी सेंटर की जांच करती एसआईटी टीम (Pic:Newstrack)
Bulandshahr News: यूपी के बुलन्दशहर में बसपा और सपा सरकार में बने ज़िला पंचायत माल निर्माण, आवंटन राजस्व श्रोतो आदि अनियमितताओं की जाँच करने लखनऊ से एसआईटी की टीम पहुंची है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यकारी अधिकारी धर्म जीत त्रिपाठी ने बताया कि शासन द्वारा गठित एसआईटी के अध्यक्ष आईएएस जीएस नवीन कुमार ने स्थलीय निरीक्षण कर आरोपों की जांच शुरू कर दी है। बता दें, कि भाजपा के सदर विधायक प्रदीप चौधरी ने सीएम योगी आदित्यनाथ से बुलंदशहर के बुलंद सिटी सेंटर में नियमों को ताक पर रखकर निर्माण, आवंटन, राजस्व श्रोता, राजस्व धन के गलत प्रयोग आदि के आरोप लगाते हुए शिकायत कर जांच की मांग की थी।
बुलंदशहर जिला पंचायत द्वारा बुलंदशहर काला आम चौराहे के निकट बुलंद सिटी सेंटर का करोड़ों रुपए की लागत से निर्माण कराया गया था। भाजपा के सदर विधायक प्रदीप चौधरी ने बताया कि वर्ष 2007 से 17 के बीच बसपा और सपा सरकार के कार्यकाल में आशा यादव और हरेंद्र यादव क्रमश: जिला पंचायत अध्यक्ष रहे। भाजपा विधायक ने नियमों को ताक पर रख जिला पंचायत द्वारा बुलंद सिटी सेंटर के निर्माण कराए जाने का आरोप लगाया था। जिला पंचायत माल के निर्माण को गलत तरीके से बैंक से लगभग 10 करोड़ का लोन लेकर लगभग 9 करोड़ का ब्याज देने, बुलंद सिटी सेंटर में राजस्व को लगवाने, आवंटन प्रक्रिया में धांधली बरते जाने, तीन मंजिला बनाने की जगह उससे अधिक मंजिला बुलंद सिटी सेंटर का निर्माण कराने, नक्शा निर्माण में अनियमितताएं होने आदि के आरोप युक्त शिकायती पत्र उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दिया था। जिसके बाद अब मामले की जांच एसआईटी द्वारा शुरू कर दी गई है। शुक्रवार को शासन द्वारा गठित एसआईटी की टीम के साथ आईएएस जीएस नवीन कुमार ने बुलंद सिटी सेंटर का स्थलीय निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी तो माल के कब्जेदारों में हड़कंप मच गया। बताया गया कि एसआईटी सभी बिंदुओं पर गंभीरता से जांच कर अपने रिपोर्ट शासन को भेजेगी, जिसके बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल 2007 से 2012 तक उत्तर प्रदेश में बसपा का शासनकाल था तब बुलंदशहर की जिला पंचायत अध्यक्ष आशा यादव थी, जबकि 2012 से 2017 तक सपा का शासन काल था जिसमें हरेंद्र यादव बुलंदशहर के जिला पंचायत अध्यक्ष थे। बसपा शासन काल में बुलंद सिटी सेंटर की नींव रखी गई जबकि सपा शासन काल में बुलंद सिटी सेंटर का लोकार्पण कर आवंटन किया गया था। बताते है कि हरेंद्र यादव और आशा यादव का दिल्ली एनसीआर में रियल स्टेट का बड़ा कारोबार है। मामले की जांच की आंच कहां तक जाएगी इसका पता तो जांच पूरी होने के बाद ही लग सकेगा।
