बीते दो दिन से प्रधानमंत्री मोदी का एक बयान सुर्खियों में है…मोदी ने कांग्रेस पर पोलराइजेशन के आरोप लगाए..घुसपैठिय़ों का सपोर्ट करने की बात कही..इसी बयान को विरोधी दलों ने मुद्दा बना लिया..और चुनाव का पैटर्न…विकास, सरकार की योजनाओं से शिफ्ट होकर…धर्म पर आ गया…सवाल है कि पहले चरण के चुनाव के बाद…और दूसरे चरण से पहले..क्या इस तरह के बयान…किसी रणनीति के तहत दिए जा रहे हैं…या फिर चुनाव में नेताओं की लाइन लेंथ बदलना..आम बात है…क्या वाकई ध्रुवीकरण के नाम पर आगे का चुनाव लड़ा जाएगा..या फिर एक बार फिर ग्राउंड पर विकास की बातें…वोटरों को मतदान केंद्र तक लेकर जाएंगी..इसी समीकरण को समझने के लिए हमारे संवाददाता श्रीनिवास बिहार के अररिया में थे…जनता का मूड कैसा था…वोट किस पर पड़ेगा..जाति पर या नाम पर…इस EXCLUSIVE रिपोर्ट से समझने की कोशिश करते हैं…
