Lok Sabha Election पहले चरण में एक तिहाई से ज्यादा मतदाता बूथ तक नहीं पहुंच सके। ऐसे में आपकी जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। पहले चरण में कुछ कम रह गए मतदान प्रतिशत के औसत को बढ़ाने की जिम्मेदारी भी आ गई है। ऐसे में जरूरी है कि मतदाता स्वयं और अपने सगे-संबंधियों नाते-रिश्तेदारों को लोकतंत्र के इस महापर्व में सहभागी बनाएं ।
रवि प्रकाश तिवारी, मेरठ। आज आपकी बारी है। अपना नेता चुनने की। वह नेता जो आपके क्षेत्र की आवाज बनेगा, विकास का माध्यम होगा। दूसरे चरण का मतदान सुबह सात बजे से शुरू हो जाएगा। चलेगा शाम छह बजे तक। बेशक मौसम के अनुरूप तापमान में बढ़ोतरी हुई है। इन दिनों घड़ी की सूइयों के साथ तापमान का पारा भी चढ़ रहा है। गर्मी में बूथ तक पहुंचने को अगर हम चुनौती मानकर घर में बैठ गए या पिकनिक मोड में आ गए तो अगले पांच वर्ष तक स्वयं को कोसने के अलावा कुछ और बचेगा नहीं।
इसलिए देश में सरकार के गठन में अपनी हिस्सेदारी निभाइए, मत की आहुति डालिए। चुनाव के मद्देनजर सभी ने अपना काम कर दिया है। प्रत्याशी ने नामांकन के बाद से दिन-रात एक कर प्रचार किया। घर-घर दरवाजे-दरवाजे अपने लिए, अपने दल के पक्ष में मतदान के लिए पहुंचे। हाथ जोड़े, तर्क रखे, नीतियों से अवगत कराया, वादे और दावे दोहराए। प्रशासन ने भी समानांतर तैयारी की। मतदाता सूची से बूथ निर्माण तक। ड्यूटी की तैयारी से मतदान कर्मियों को मतदेय स्थल पहुंचाने तक।
अब मंच तैयार है। मतदान स्थल सज चुके हैं। कहीं पिंक बूथ तो कहीं आदर्श बूथ, कहीं पानी की व्यवस्था तो कहीं सेल्फी स्टैंड बनाकर चुनाव आयोग ने भी मतदाता के सम्मान में मानों लाल कालीन बिछा दी है। इस पर्व को यादगार बनाने का साधन मुहैया कराने की कोशिश की है। बूथ पर ईवीएम पहुंच चुकी है। बारी अब हम मतदाताओं की है, लेकिन इस पर्व की रौनक तभी होगी जब शुक्रवार की सुबह से झूमकर मतदाता बूथ तक पहुंचेगा।
अपने पसंदीदा प्रत्याशी के पक्ष में वोट करेगा और लोकतंत्र को और मजबूत करने में अपना योगदान दर्ज कराएगा। इसके लिए जरूरी है कि हमें बस अपने घर से कुछ ही दूरी पर बने बूथ तक जाना है, दूसरों को भी जाने को प्रेरित करना है। एक सजग लोकतंत्र में चुनाव का आधार मुद्दे होते हैं। दैनिक जागरण ने अपना पत्रकारीय धर्म निभाते हुए समाचार पत्र के माध्यम से आप सभी तक वह सभी मुद्दे आपके सामने रखे जो आपको प्रभावित करते हैं।
शिक्षा-स्वास्थ्य की बुनियाद से विकास के उड़ान तक। मेरठ में उन सभी मुद्दों की अहमियत क्या है और हम कहां खड़े हैं, यह पूरा कैसे होंगे, इन सभी विषयों पर शहर के ओपिनियन मेकर्स ने खुलकर बात भी की है। इन्हीं मुद्दों को आधार बनाकर प्रत्याशियों को भी घेरा गया और विचार मंच के माध्यम से प्रमुख उम्मीदवारों ने प्राथमिकताएं भी गिनाईं। जनसंवाद के दौरान तमाम मुद्दों के बीच एक बड़ी बात निकलकर आयी स्थायित्व और स्थिरता की। सरकार का चयन करते समय, अपने सांसद का चयन करते समय स्थायित्व और स्थिरता प्रमुख कारण बन जाता है। क्योंकि यह दो अवयव सरकार की बुनियाद को मजबूत बनाते हैं।
इस बार बढ़ गई आपकी जिम्मेदारी
विकास और संकल्प को साकार करने का यह आधार बनते हैं। पहले चरण में एक तिहाई से ज्यादा मतदाता बूथ तक नहीं पहुंच सके। ऐसे में आपकी जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। पहले चरण में कुछ कम रह गए मतदान प्रतिशत के औसत को बढ़ाने की जिम्मेदारी भी आ गई है। ऐसे में जरूरी है कि मतदाता स्वयं और अपने सगे-संबंधियों, नाते-रिश्तेदारों को लोकतंत्र के इस महापर्व में सहभागी बनाएं।
आइए, हम संकल्पित हों। अपना बेहतर कल बनाने के लिए आज निकले और बूथ तक पहुंचकर ईवीएम का बटन दबाएं। बाहर निकलकर स्याही लगी उंगली दिखाकर खूब इतराएं। क्योंकि सजग नागरिक का यह सबसे बड़ा प्रमाण है। देश के प्रति कर्तव्यनिष्ठ होने की यह अमिट निशानी होगी।

