भारतीय जनता पार्टी ने तेलंगाना के चेवेल्ला लोकसभा सीट से कोंडा विश्वेश्वर रेड्डी को अपना उम्मीदवार बनाया है। 2009 में परिसीमन के बाद चेवेल्ला का गठन हुआ था। तब से अब तक भाजपा यह सीट नहीं जीत पाई है। चेवेल्ला पर बीआरएस और कांग्रेस के नेता ही सांसद बनते रहे हैं।
विश्वेश्वर रेड्डी को विश्वास है कि इस बार यह सीट भाजपा जीतेगी। हालांकि उनका आत्मविश्वास काफी हद तक मंदिर और मोदी के दम पर है। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक ग्राउंड रिपोर्ट से पता चलता है कि राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के बाद चेवेल्ला लोकसभा क्षेत्र के बहादुरगुडा गांव में अयोध्या से प्रसाद आया था, जिसे हर घर बांटा गया था।
गांव की स्कूल टीचर डोनाकुंडा सरस्वती की आंखों में यह बताते हुए चमक आ जाती है कि कैसे अयोध्या से प्रसाद के 20 किलो बैग सीधे उनके गांव के लगभग 500 परिवारों के हर घर में पहुंचाए गए थे। रिपोर्ट्स से पता चलता है कि इस निर्वाचन क्षेत्र में राम मंदिर चर्चा का प्रमुख विषय है। हालांकि यह देखना बाकी है कि दक्षिण भारत में राम मंदिर का मुद्दा चलता है या नहीं।
पूर्व सांसद कोंडा विश्वेश्वर रेड्डी ने 2019 में अपनी संपत्ति 895 करोड़ रुपये घोषित की थी। इस बार उनकी संपत्ति बढ़कर 1,240 करोड़ रुपये हो गई, जबकि उनके परिवार की कुल संपत्ति 4,568 करोड़ रुपये घोषित हो गई है। अब तक घोषित उम्मीदवारों में कोंडा विश्वेश्वर रेड्डी सबसे अमीर प्रत्याशी बनकर उभरे हैं।
सोमवार (22 अप्रैल) को कोंडा विश्वेश्वर रेड्डी ने नामांकन और हलफनामा दाखिल किया। हलफनामे के मुताबिक, कोंडा विश्वेश्वर रेड्डी, उनकी पत्नी संगीता रेड्डी और बेटे के. विराज माधव रेड्डी के पास कुल चल व अचल संपत्ति 4,568 करोड़ रुपये की है।
कोंडा विश्वेश्वर रेड्डी के पास 1,178. 72 रुपये की चल संपत्ति है। जबकि पत्नी के पास 3,203.9 करोड़ रुपये की चल संपत्ति है। बेटे के पास कुल 107.44 करोड़ रुपये की संपत्ति है।
रेड्डी दंपति के चल संपत्ति का बड़ा हिस्सा अपोलो हॉस्पिटल एंटरप्राइजेज लिमिटेड के शेयर में हैं। कोंडा विश्वेश्वर रेड्डी के पास 973.22 करोड़ रुपये का शेयर है, जबकि पत्नी के पास 1,500.85 करोड़ रुपये का शेयर है।
हलफनामे के अनुसार, संगीता रेड्डी के पास विभिन्न व्यक्तियों और संस्थाओं से 35.82 करोड़ रुपये की आमद के अलावा 10.4 करोड़ रुपये मूल्य के सोने के गहने, हीरे और अन्य कीमती धातुएँ हैं।
संगीता रेड्डी अपोलो हेल्थकेयर समूह के संस्थापक डॉ. प्रताप सी रेड्डी की बेटियों में से एक हैं। विश्वेश्वर रेड्डी ने अमेरिका से लौटने के बाद 2013 में राजनीति में पदार्पण किया था।
कोंडा विश्वेश्वर रेड्डी के समर्थक उन्हें प्यार से केवीआर कहते हैं। वह एक प्रतिष्ठित परिवार से आते हैं। उनके दादा आंध्र प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री कोंडा रंगा रेड्डी हैं। उन्हीं के नाम पर हैदराबाद के निकट रंगारेड्डी जिले का नाम रखा गया है।
अचल संपत्ति की बात करें तो कोंडा विश्वेश्वर रेड्डी के पास पड़ोसी रंगारेड्डी जिले में 71.35 करोड़ रुपये की जमीन है। पत्नी के पास 5.51 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है। दम्पति पर बकाया/देनदारियाँ करीब 13.82 करोड़ का है, जिसमें विश्वेश्वर रेड्डी का योगदान 1.76 करोड़ रुपये का ही है।
विश्वेश्वर रेड्डी ने घोषणा की है कि उनके खिलाफ चुनावों में रिश्वतखोरी, आपराधिक साजिश रचने, कंप्यूटर सिस्टम में छेड़छाड़ या हेराफेरी करने, एक लोक सेवक द्वारा घोषित आदेश की अवज्ञा करने, जालसाजी करने और धोखाधड़ी से संबंधित मामले लंबित हैं।
चुनावों में रिश्वतखोरी, आपराधिक साजिश रचने, कंप्यूटर सिस्टम में छेड़छाड़ या हेराफेरी करने के मामले हैदराबाद और रंगारेड्डी की विभिन्न अदालतों में लंबित हैं। वहीं धोखाधड़ी और जालसाजी से संबंधित मामला नई दिल्ली में द्वारका जिले के डाबरी पुलिस स्टेशन में लंबित है।
विश्वेश्वर रेड्डी का मुकाबला कांग्रेस के जी रंजीत रेड्डी और बीआरएस के कसानी ज्ञानेश्वर मुधिराज से है। कांग्रेस उम्मीदवार जी रंजीत रेड्डी चेवेल्ला के वर्तमान सांसद है। 2019 का चुनाव उन्होंने बीआरएस की टिकट पर जीता था। वह हाल ही में कांग्रेस में शामिल हो गए। रंजीत रेड्डी पोल्ट्री उद्योग की एक दिग्गज कंपनी के मालिक हैं और सुपर-रिच उम्मीदवारों की राष्ट्रीय सूची में शामिल हैं। पिछली बार उनके पास 163 करोड़ रुपये की संपत्ति थी। इस बार उन्होंने 158.8 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और 97.5 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति घोषित की है।
बीआरएस सांसद उम्मीदवार कसानी ज्ञानेश्वर मुधिराज तेलंगाना में तीसरे सबसे धनी सांसद उम्मीदवार हैं। उन्होंने घोषणा की कि उनके पास 228.46 करोड़ रुपये की संपत्ति है। वह एक समय टीडीपी से जुड़े थे, बाद में बीआरएस में चले गए।
तेलंगाना भारत का सबसे नया राज्य है। देश के मानचित्र पर तेलंगाना का उदय 2 जून, 2014 को हुआ था। राज्य में लोकसभा की 20 सीटें हैं। 2019 के आम चुनाव में भाजपा को 19.45 प्रतिशत और टीआरएस को 41.29 प्रतिशत वोट मिले थे। तेलंगाना में 13 मई को मतदान है।
