लोकसभा चुनाव के नतीजे आने शुरू हो चुके हैं। अभी तक के जो रुझान सामने आए हैं, उनके मुताबिक केंद्र में एक बार फिर जरूर मोदी सरकार बनती दिख रही है। लेकिन इस बार कम बहुमत वाली सरकार बन रही है, पिछले चुनावों की तरह प्रचंड जनादेश नहीं मिला है। मोदी सरकार में कई बड़े मंत्री भी इस बार अपनी सीट पर पीछे चलते दिख रहे हैं, वे विरोधियों के आगे पिछड़ चुके हैं।
इस समय केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, अर्जुन मुंडा, महेंद्र नाथ पांडे और आरके सिंह पीछे चल रहे हैं। एक तरफ स्मृति ईरानी अमेठी से चुनाव लड़ रही हैं, अर्जुन मुंडा खूंटी से चुनावी मैदान मे हैं, महेंद्र नाथ पांडे चंदौली से लड़े हैं और बिहार के आरा से आरके सिंह ने किस्मत आजमाई है। लेकिन मोदी सरकार के इन सभी मंत्रियों ने लोकसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन नहीं किया है।
स्मृति ईरानी की बात करें तो वे कांगेस केल शर्मा से अभी हारती हुई दिख रही हैं। कई राउंड की वोटिंग के बाद 80 हजार से भी ज्यादा के अंतर से वे पिछड़ चुकी हैं। इस सीट पर पिछले चुनाव में ईरानी ने बड़ा उलटफेर करते हुए राहुल गांधी को हरा दिया था। अर्जुंन मुंडा की सीट खूंटी की बात करें तो वहां से वे भी इस समय पिछड़ रहे हैं। झारखंड की इस सीट पर कई घंटों से कांग्रेस के काली चरण मुंडा अपनी लीड बनाए हुए हैं। अर्जुन मुंडा एक लाख से भी बड़े अंतर से पीछे चल रहे हैं।
अगर यूपी की चंदौली सीट पर चलें तो वहां से फिर मंत्री महेंद्र नाथ पांडे अपनी सीट नहीं बचा पा रहे हैं। इस समय वे 20 हजार के करीब वोटों से पीछे चल रहे हैं, समाजवादी पार्टी के बिरेंद्र सिंह ने अपनी निर्णायक बढ़त बना रखी है। बिहार के आरा चलें तो वहां से भी इस बार बीजेपी के आरके सिंह पिछड़ चुके हैं। यहां से लेफ्ट पार्टी के सुदामा प्रसाद ने अपनी मजबूत लीड बना रखी है।
यह एक अच्छा अनुभव है, जो मुझे लंबे समय में मदद करेगा। मैं एक योद्धा हूं जो युद्ध के मैदान से नहीं भागता। हार-जीत खेल का हिस्सा है और मैं तब भी हार गया, जब हमारा वोट शेयर कई गुना बढ़ गया। 2019 में जब मतदान 73.6% था, तो कांग्रेस उम्मीदवार 4.05 लाख वोटों से हार गया।
