नरेंद्र मोदी के तीसरे प्रधानमंत्री कार्यकाल की शुरुआत हो गई है। बीते रविवार को मोदी के साथ 71 सांसदों ने मंत्री पद की शपथ ली। शपथ लेने वालों में 30 कैबिनेट मंत्री, 5 राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 36 राज्य मंत्र शामिल थे। आपको बता दें कि मोदी के इस मंत्री मंडल में NDA के घटक दल भी शामिल हैं। जिसके बाद सोमवार की शाम होते-होते सभी मंत्रियों को विभाग सौंप दिए गया। 30 कैबिनेट मंत्रियों में से 5 मंत्री सहयोगी दलों से है। जबकि स्वतंत्र प्रभार के साथ 5 सहयोगी दलों के सांसदों को राज्य मंत्री बनाया गया है।
मोदी के दूसरे कार्यकाल के भांति ही इस कार्यकाल में भी राजनाथ सिंह को रक्षा मंत्रालय, अमित शाह को गृह और सहकारिता मंत्रालय, नितिन गड़करी को सड़क परिवहन मंत्रालय का जिम्मा मिला है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पास कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय, परमाणु ऊर्जा विभाग, अंतरिक्ष विभाग अपने पास रखे हैं. इसके साथ ही वो सभी विभाग पीएम के पास रहेंगे जो किसी के पास नहीं है।
मोदी के तीसरा कार्यकाल
नरेंद्र मोदी (प्रधानमंत्री) – कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय, परमाणु ऊर्जा विभाग, अंतरिक्ष विभाग…
बीते लोकसभा चुनाव की बात करें तो बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए को 293 सीटें मिली हैं। इसमें बीजेपी के खाते में 240 सीट आई है। ऐसे स्थिति में अपने दम पर 272 के जादुए आंकड़े को नहीं पार करने की स्थिति में 10 साल एक बार फिर केंद्र में गठबंधन की सरकार बनी है। वहीं इस चुनाव में कांग्रेस ने 99 सीटों पर जीत दर्ज की है जबकि इंडिया गठबंधन के खाते में कुल 234 सीटें आई है।
मोदी सरकार ने सुरक्षा मामलों पर कैबिनेट कमेटी (CCS) के चार महत्वपूर्ण मंत्रालयों (गृह, रक्षा, वित्त और विदेश) को अपने पास रखा है। CCS देश की सुरक्षा से जुड़े फैसले लेती है, जिसमें युद्ध, हथियार खरीद और महत्वपूर्ण विभागों के प्रमुखों की नियुक्ति शामिल है।
