Lok Sabha Election Result: इंडिया गुट ने 'वक्त बदल दिया, जज्बात बदल दिए'! कैसे इतनी मजबूती से लड़ी ये लड़ाई? – मनी कंट्रोल

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इस लोकसभा चुनाव के नतीजों ने सभी को हैरान कर दिया। खासकर एग्जिट पोल करने वाली उन तमाम एजेंसियों को तो बहुत बड़ा झटका लगा, जिन्होंने ज्यादातर पोल में दावा किया था कि भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले NDA को 350 से ज्यादा सीटें मिलेंगी। लेकिन हुआ इसका बिल्कुल उलट और सत्ताधारी बीजेपी बहुमत का आंकड़ा भी नहीं छू पाई, जबकि NDA 300 का आंकड़ा भी नहीं छू पाया और 292 पर सिमिट गया।  हालांकि, विपक्ष के इंडिया नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस (INDIA) ऐसा प्रदर्शन किया, जिसकी शायद ही किसी को उम्मीद थी।

कैसे रहे 2024 के नतीजे?

विपक्षी गठबंधन के खाते में कुल 234 सीटें गईं और पिछली बार के मुकाबले उसे 105 सीटों की बढ़त मिली। अकेले कांग्रेस 99 सीटें जीत कर गठबंधन की सबसे बड़ी और देशभर में बीजेपी के बाद दूसरी बड़ी पार्टी बनी।

वहीं अगर गठबंधन के दूसरे सहयोगियों की बात की जाए, अखिलेश यादव की साइकिल भी लंबी चल गई और उसने 37 सीटें जीतीं। इसी के साथ सपा गठबंधन की दूसरी और देशभर में तीसरी सबसे ज्यादा सीटें जीतने वाली पार्टी बनी।

उत्तर प्रदेश में रोक दिया बीजेपी का रथ

इंडिया गठबंधन इन चुनावों में सबसे ज्यादा कामयाब उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में रहा है। किसी ने सोचा भी नहीं होगा कि करीब-करीब बीजेपी का गढ़ बन चुके उत्तर प्रदेश में वो महज 33 सीटों पर रुक जाएगी।

जबकि INDIA गुट ने राज्य की 80 लोकसभा सीट में से 43 सीटों पर विजयी हासिल की यानि 50% से ज्यादा और बीजेपी के रथ को रोक दिया। यहां समाजवादी पार्टी ने बीजेपी को अच्छी टक्कर दी और अकेले 37 सीटों पर जीत हासिल की, जबकि कांग्रेस, जो UP से लगभग खत्म होती दिख रही थी, वो भी 6 सीट जीतने में कामयाब रही।

महाराष्ट्र में पलट दी पूरी बाजी

वहीं महाराष्ट्र की बात की जाए, तो कांग्रेस ने 13 लोकसभा सीटें जीतकर सभी को चौंका दिया और राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनी। 2019 के चुनाव में पार्टी को सिर्फ एक सीट पर जीत मिली थी। साथ ही, कांग्रेस ने महाराष्ट्र में कुल वोट शेयर का 16.96 प्रतिशत हासिल किया, जो 2019 के लोकसभा चुनावों में 16.41 प्रतिशत से थोड़ा ज्यादा था।

कांग्रेस के सहयोगी दलों-शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने नौ सीटें जीतीं, और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) ने आठ सीटें जीतीं। INDIA ब्लॉक ने महाराष्ट्र की 48 लोकसभा सीटों में से 30 सीटें जीतीं।

एक साथ लड़ने से फायदा हुआ या नुकसान?

जब 2023 की शुरुआत में इंडिया ब्लॉक बना, तो अलग-अलग राज्यों में कौन किसका वोट शेयर खाएगा, ये बहस राजनीतिक गलियारों में छिड़ी थी। लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद काफी कुछ साफ भी हुआ है।

Mint ने राजनीतिक विशेषज्ञ अभिमन्यु भारती के हवाले से बताया, कांग्रेस को उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में तो फायदा हुआ ही, जहां सीधा गठबंधन था। बड़ी बात ये है कि पश्चिम बंगाल और पंजाब जैसे राज्यों में, जहां गठबंधन सहयोगियों ने एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ा, वहां भी गठबंधन BJP के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की सीट हिस्सेदारी को कम करने में कामयाब रहा।

इसके अलावा, एक विश्लेषण से पता चला है कि क्षेत्रीय दलों को पश्चिम बंगाल, केरल और पंजाब में कांग्रेस की तुलना में ज्यादा फायदा हुआ है, जहां इंडिया गुट के सहयोगी एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ रहे थे।

विपक्ष INDIA गुट ने इस बार के लोकसभा चुनाव में लड़ाई कैसी लड़ी ये तो मालूम चल ही गया है। अब कुछ पिछले चुनाव के आंकड़ों पर भी एक नजर डाल ली जाए।

शुरुआत 2009 के लोकसभा चुनाव के नतीजों से करते हैं। तब सरकार कांग्रेस के नेतृत्व वाले UPA गठबंधन की बनी थी। अब बने I.N.D.I.A. गुट के खाते में तब 248 सीट गई थीं और उसके वोट प्रतिशत 37.39% रहा था।

मोदी लहर में I.N.D.I.A गुट की हालत खराब

2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी लहर के साथ सत्ता परिवर्तन हुआ और केंद्र में बीजेपी के नेतृत्व वाले NDA की सरकार बनी। इस चुनाव में विपक्षी गठबंधन I.N.D.I.A. का ग्राफ काफी नीचे गिर गया था और से 26.60% वोट के साथ 66 सीटों मिलीं।

विपक्षी गठबंधन की हालत इस चुनाव में इतनी खराब हुई कि उससे ज्यादा सीटें अन्यों के पास चली गई। 108 सीट और 32.29 फीसदी वोट अन्य के पाले में गया।

2019 में थोड़ा बढ़ा ग्राफ

2019 के आम चुनाव में भले ही बीजेपी और NDA ने रिकॉर्ड जीत हासिल की हो, लेकिन I.N.D.I.A. गुट को 2014 के मुकाबले इस बार थोड़ी ज्यादा सीट मिली थीं।

इस लोकसभा चुनाव विपक्षी गठबंधन के पास 129 सीटें मिलीं और देशभर में उसका वोट प्रतिशत 34.47 फीसदी रहा।

टूट-फूट के बाद भी कामयाब हुआ INDIA गठबंधन

पिछले साल, जब इंडिया ब्लॉक का गठन हुआ था, तो इस बात पर चर्चा हुई थी कि क्या ये गठबंधन चल पाएगा। हुआ भी कुछ ऐसा ही, जैसे-जैसे लोकसभा चुनाव 2024 नजदीक आते गए, विपक्ष का गठबंधन टूटने लगा।

लोकसभा चुनाव के लिए पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की टीएमसी अकेले चुनाव लड़ी, कांग्रेस और AAP ने पंजाब में एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ा और JDU नेता नीतीश कुमार ने प्रतिद्वंद्वी भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में शामिल होने के लिए इंडिया ब्लॉक से नाता तोड़ लिया।

हालांकि, इंडिया ब्लॉक ने लोकसभा चुनाव 2024 में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के खिलाफ कड़ी टक्कर दी, जिससे उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में बेहद ही चौंकाने वाली नतीजे आए।
Tags: #elections #India Elections #Indian general election #Loksabha elections 2024
First Published: Jun 15, 2024 6:30 AM
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