जीत के रिकॉर्ड पर नजर डालें तो सुंदरगढ़ लोकसभा सीट पर राष्ट्रीय पार्टी के तौर पर कांग्रेस ने 7 बार बाजी मारी है तो वहीं दूसरी राष्ट्रीय पार्टी के तौर पर बीजेपी ने इस सीट से 5 बार अपना परचम लहराया हैं। लेकिन आज तक क्षेत्रीय पार्टी बीजेडी को इस सीट से जीत नहीं मिली है। वहीं इस बीच 2024 की चुनावी लड़ाई काफी जोरदार होगी।
जागरण संवाददाता, राउरकेला। Sundargarh Lok Sabha Seat: 2024 के चुनावी महासमर को सुंदरगढ़ तैयार है। पिछले 5 वर्षों में तीनों मुख्य दलों ने तृणमूल स्तर पर अपना होमवर्क किया है। जीत के रिकॉर्ड पर नजर डालें तो सुंदरगढ़ लोकसभा सीट पर आज तक क्षेत्रीय पार्टी बीजेडी को जीत नहीं मिली है।
जबकि राष्ट्रीय पार्टी के तौर पर कांग्रेस ने 7 बार बाजी मारी है। वहीं दूसरी राष्ट्रीय पार्टी के तौर पर बीजेपी से जुएल ओराम अब तक इस सीट से 5 बार जीत चुके हैं। इस बीच 2024 की लड़ाई जोरदार होने के आसार है। सुंदरगढ़ लोकसभा में पूर्व केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम का दबदबा है।
बीजेपी फिर से इन्हें उतारेगी चुनावी मैदान में
अभी भी अटकलें चल रही हैं कि क्या 3 बार सांसद और 2 बार केंद्रीय मंत्री रह चुके जुएल को फिर से बीजेपी चुनावी मैदान में उतारेगी। 2019 के लोकसभा चुनाव में जुएल 2 लाख से ज्यादा वोटों के अंतर से पांचवीं बार सांसद बने थे। उन्हें 5 लाख से ज्यादा वोट मिले।
जबकि बीजेडी की सुनीता बिश्वाल को 2 लाख 76 हजार वोट मिले। जुएल ने यह सीट 2 लाख 23 हजार 065 मतों से जीती थी। कुल 71.89 प्रतिशत मतदान हुआ था, यानी की 11,01,049 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। जुएल को मध्य प्रदेश के फार्मूले में पार्टी विधानसभा चुनाव लड़ा सकती है या फिर राज्यपाल बनाए जाने की चर्चा थी।
सुनने में आ रहा है कि बीजेपी जुएल ओराम को दोबारा सुंदरगढ़ लोक सभा सीट से दोहरा सकती है। वहीं जब भाजपा व बीजेडी के बीच गठबंधन होने की बातें उठ रही थी तो कहा जा रहा था कि सुंदरगढ़ सीट बीजेडी ले सकती है।
बीजेडी के उम्मीदवार
पिछली बार बीजेडी की सुनीता बिश्वाल की हार के बाद दिलीप तिर्की को इस बार बीजेडी का उम्मीदवार बनाने की चर्चा है। क्योंकि दिलीप तिर्की ने 2014 के चुनाव में 3 लाख 21 हजार 679 वोट लाए थे। वे केवल 18,829 वोट से जुएल से पीछे रह गया था।
2014 के चुनाव में 71.66 प्रतिशत मतदान हुआ था। यानी की कुल 10 लाख 10 हजार 723 मतदाताओं ने मतदान किया था। दिलीप न सिर्फ सुंदरगढ़ बल्कि राज्य हॉकी का भी मशहूर चेहरा हैं। बीजेडी राउरकेला के अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में हॉकी विश्व कप की मेजबानी का श्रेय लेना चाहेगा।
ऐसे में दिलीप तिर्की बीजेडी का सबसे अच्छा दांव हो सकता है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टार प्रबोध तिर्की के कांग्रेस में शामिल होने के बाद उन्हें सुंदरगढ़ से कांग्रेस की ओर से उम्मीदवार बनाए जाने की चर्चा है।
सुंदरगढ़ लोकसभा सीट पर मतदाताओं की संख्या
2024 के आंकड़ों के मुताबिक, सुंदरगढ़ लोकसभा सीट पर कुल मतदाताओं की संख्या 15 लाख 67 हजार 065 है। इसमें से 51 फीसदी आदिवासी वोट हैं। ऐसे में तीनों ही मुख्य राजनीतिक पार्टियां आदिवासी चेहरे पर जोर देंगे।
जुएल जहां हिंदू धर्म का प्रतिनिधित्व करते हैं और दिलीप तिर्की ईसाई वोट बैंक का लाभ उठा सकते हैं। आदिवासियों की घनी आबादी वाला सुंदरगढ़ खनन, आधारभूत ढांचा, विकास और आजीविका के लिहाज से भी एक बड़ा मुद्दा है।
कांग्रेस अपने गढ़ को हथियाएगी
विकास का भरोसा देकर जहां बीजेडी चुनाव मैदान में प्रत्याशी उतारेगी, वहीं भाजपा के पास मोदी की गारंटी होगी। हालांकि, दोनों दलों के बीच जो गठबंधन की जो चर्चा उठी थी, वह तो लगभग क्षीण हो चुकी है।
लेकिन अगर गठबंधन होती भी है तो इस बात की ज्यादा संभावना है कि सुंदरगढ़ सीट बीजेपी के खाते में जाएगी। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस अपने पुराने गढ़ को हथियाने की कोशिश करेगी।
सात विधानसभाओं का सीट है सुंदरगढ़ लोक सभा
सुंदरगढ़ लोक सभा सीट के अधीन सात विधानसभा आते है। इनमें तलसरा विधानसभा सीट भाजपा के भबानी शंकर भोई, सुंदरगढ़ विधानसभा सीट भाजपा की कुसुम टेटे व बीरमित्रपुर विधानसभा सीट पर भाजपा के शंकर ओराम विधायक है।
जबकि रघुनाथापाली सीट पर बीजेडी के सुब्रत तराई व राउरकेला सीट पर बीजेडी के शारदा प्रसाद नायक विधायक है। वहीं राजगांगपुर सीट पर कांग्रेस के सीएस राजन एक्क तथा बणई सीट पर लक्ष्मण मुंडा विधायक है। पिछले दो चुनाव में यहां मतदान का प्रतिशत 71 से ऊपर रहा है।
वर्ष- सदस्य- दल
1951- शिवनारायण सिंह महापात्र- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1957- कालो चंद्रमणि- गणतंत्र परिषद
1962- यज्ञनारायण सिंह- गणतंत्र परिषद
1967- देबानंद अमात- स्वतंत्र पार्टी
1971- गजाधर माझी- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1977- देबानंद अमात- जनता पार्टी
1980- क्रिस्टोफर एक्का- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1984- मौरिस कुजूर- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1989- देबानंद अमात- जनता दल
1991- फ्रीडा टोपनो- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1996- फ्रीडा टोपनो- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1998- जुएल ओराम- भारतीय जनता पार्टी
1999- जुएल ओराम- भारतीय जनता पार्टी
2004- जुएल ओराम- भारतीय जनता पार्टी
2009- हेमानंद विश्वाल- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
2014- जुएल ओराम- भारतीय जनता पार्टी
2019- जुएल ओराम- भारतीय जनता पार्टी
2019 चुनाव के परिणाम
दल- उम्मीदवार- वोट -प्रतिशत
भाजपा- जुएल ओराम- 500056 45.45
बीजद- सुनीता विश्वाल- 276991 24.38
कांग्रेस- जार्ज तिर्की- 268218 24.38
आईएनडी- जसपिन लाकड़ा- 14,790 1.34
नोटा- 13675 1.24
एसयूसीआइ(सी)- जस्टिन लुगुन- 9,524 0.07
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