लोकसभा चुनाव 2024: बिहार में BJP के इन 6 प्रत्याशियों के लिए किस मुंह से वोट मांगेंगे PM मोदी? बने हैं परिवारवाद के पैरोकार – NBT नवभारत टाइम्स (Navbharat Times)

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पश्चिम चंपारण लोकसभा के सांसद डॉ. संजय जायसवाल मशहूर राजनेता मदन जायसवाल के बेटे हैं। डॉ. संजय जायसवाल अब तो पुराने भाजपाई हो गए। पहली बार वर्ष 2009 में पश्चिम चंपारण से उम्मीदवार बने और लोजपा के प्रकाश झा को 40 हजार से ज्यादा मतों से हराया। दूसरी बार भी पश्चिम चंपारण से लड़े और इस बार जदयू के टिकट पर लड़े प्रकाश झा को एक लाख से ज्यादा मतों से परास्त किया। तीसरी बार फिर इन्हें टिकट मिला और इस बार रालोसपा के बृजेश कुशवाहा को तीन लाख से ज्यादा मतों से हराया।

सांसद अजय यादव पूर्व मंत्री हुकुमदेव नारायण यादव के बेटे हैं। वर्ष 2019 में अजय यादव को पहली बार अपने पिता की सीटिंग सीट पर लड़ने का मौका मिला। इस चुनाव में अजय यादव को भारी मतों से जीत मिली। भाजपा उम्मीदवार अजय यादव ने वीआईपी उम्मीदवार बद्री कुमार पूर्व को चार लाख लाख से ज्यादा मतों से परास्त किया।

विवेक ठाकुर देश के नामचीन डॉक्टर और केंद्रीय मंत्री रहे डॉ. सीपी ठाकुर के पुत्र हैं। चुनावी संग्राम में ये पहली बार ब्रह्मपुर विधान सभा से वर्ष 2005 में चुनाव लड़े, पर इन्हें हार मिली। वर्ष 2010 विधानसभा चुनाव में इनका टिकट कटा और यहां से दिलमानो देवी को मिला और ये जीत भी गईं। वर्ष 2015 में फिर विवेक ठाकुर को ब्रह्मपुर से मौका मिला, पर दूसरी बार भी हार गए। पार्टी ने फिर इन्हें विधान पार्षद बनाया। इनका कार्यकाल 2013 से 2014 तक रहा। फिर पार्टी ने इन्हें राज्य सभा भेजा। 10 अप्रैल 2020 से ये राज्य सभा सदस्य हैं। और इनका मुकाबला नवादा लोकसभा सीट पर इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार श्रवण पासवान से है।

सांसद सुशील कुमार सांसद रहे राम नरेश सिंह के पुत्र हैं। पहली बार औरंगाबाद से 2009 में लड़े और राजद के शकील अहमद को 70 हजार से ज्यादा मतों से परास्त किया। 2014 लोकसभा चुनाव में सुशील सिंह का मुकाबला कांग्रेस के निखिल कुमार से हुई। इस चुनाव में सुशील कुमार ने 50 से ज्यादा मतों से परास्त किया। 2019 के लोकसभा चुनाव में इनका मुकाबला हम के उपेंद्र प्रसाद से हुई। यह मुकाबला भी 70 हजार से सुशील सिंह ने जीत ली।

शिवेश राम सासाराम से पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ेंगे। पर यह क्षेत्र इनके लिए नया नहीं। इनके पिता मुनिलाल राम एक बड़े पदाधिकारी रहे हैं और ये तीन बार सासाराम से सांसद रहे हैं और केंद्र सरकार में मंत्री भी रहे है। मुनिलाल राम वर्ष 1996 से 1999 तक सासाराम से सांसद रहे हैं। इसके पहले शिवेश रान ने भी विधान सभा में किस्मत आजमाया है। 2010 के विधान सभा चुनाव में ये अहिगांव से विधायक चुने गए। पर 2015 के विधान सभा चुनाव में हार गए। अभी पार्टी के प्रदेश महामंत्री हैं। पहली बार सासाराम लोकसभा से चुनाव लड़ेंगे। महागठबंधन में शामिल कांग्रेस को सासाराम लोकसभा मिली है। पर अभी तक उम्मीदवार की घोषणा नहीं हुई है।

रवि शंकर प्रसाद भाजपा के प्रख्यात नेता ठाकुर प्रसाद के पुत्र हैं। वर्ष 2024 लोकसभा चुनाव में एक बार फिर पटना साहिब से चुनाव लड़ रहे हैं। वर्ष 2019 लोकसभा चुनाव में रविशंकर ने कांग्रेस उम्मीदवार शत्रुघ्न सिन्हा को हराया था। इसके पहले रविशंकर प्रसाद 2000 से 2019 तक राज्य सभा सदस्य रहे। इस दौरान रवि शंकर प्रसाद कोयला और खनन मंत्रालय, कानून एवं न्याय मंत्रालय, सूचना प्रसारण विभाग में मंत्री भी रहे।

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