नरेंद्र मोदी मंत्रिमंडल में यूपी से 9 मंत्री ने रविवार शाम शपथ ली। 10वें मंत्री के तौर पर यूपी से राज्यसभा सांसद हरदीप सिंह पुरी ने शपथ ली। लखनऊ से सांसद राजनाथ सिंह ने दूसरे नंबर पर शपथ ली। इससे पहले राजनाथ मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में केंद्रीय ग
राष्ट्रीय लोक दल प्रमुख और राज्यसभा सांसद जयंत चौधरी ने राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार के रूप में मंत्री पद की शपथ ली। जयंत ने अंग्रेजी में शपथ ली।
पीलीभीत से सांसद जितिन प्रसाद ने राज्यमंत्री के रूप में पद की शपथ ली। जितिन प्रसाद यूपी की योगी सरकार में PWD मंत्री रहे। वह कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए थे।
महराजगंज से पंकज चौधरी ने मंत्री पद की शपथ ली। पंकज चौधरी इसी सीट पर 2019 में भी चुनाव जीते और मोदी 2.0 सरकार में वित्त राज्यमंत्री भी बने।
मिर्जापुर से सांसद और अपना दल (सोनेलाल) की नेता अनुप्रिया पटेल ने राज्यमंत्री के रूप में मंत्री पद की शपथ ली। अनुप्रिया लगातार तीसरी बार मंत्री बनी हैं।
आगरा से सांसद एसपी बघेल ने राज्यमंत्री के रूप में पद की शपथ ली। बघेल मोदी 2.0 सरकार में भी मंत्री रहे। बघेल सपा से दो बार लोकसभा सांसद रहे और बसपा से राज्यसभा सांसद रहे।
गोंडा से सांसद कीर्तिवर्धन सिंह ने राज्यमंत्री के रूप में पद की शपथ ली। उन्होंने पांचवीं बार लोकसभा चुनाव जीता है। बदायूं से आने वाले राज्यसभा सांसद बीएल वर्मा ने राज्यमंत्री के रूप में पद की शपथ ली।
गोरखपुर के लोकसभा क्षेत्र बांसगांव से सांसद कमलेश पासवान ने भी राज्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। कमलेश लगातार चौथी बार सांसद चुने गए हैं।
यूपी से NDA के इस बार 36 सांसद हैं। 9 मंत्री बने हैं। यानी, औसतन यूपी का हर चौथा सांसद मंत्री बना है। हालांकि, इनमें दो राज्यसभा सांसद हैं।
मंत्रियों की प्रोफाइल जानिए…
यूपी में सीटें कम हुईं, पर मंत्रियों का परसेंटेज बढ़ा
यूपी में इस साल लोकसभा चुनाव में बीजेपी को बढ़ा नुकसान हुआ है। NDA को केवल 36 सीटें मिली हैं। सीटें कम होने के बाद भी मंत्रियों का परसेंटेज बढ़ा है। 2019 में यूपी से मोदी कैबिनेट में 12 मंत्री थे। 2024 में इनमें से 7 मंत्री चुनाव हार गए।
2019 में सहयोगी दलों के साथ मिलकर बीजेपी ने 64 सीटें जीती थीं। इस हिसाब से मोदी मंत्रिमंडल में यूपी के मंत्रियों का परसेंटेज 19% था। इस बार ये आंकड़ा 36 (बीजेपी- 33, आरएलडी- 2 और अपना दल- 1) पर ही सिमट गया। बावजूद 9 मंत्री बनाए गए हैं। इनका परसेंटेज 25% है। इस लिहाज से 2019 की अपेक्षा 2024 में मंत्रियों का परसेंटेज बढ़ा है।
7 मंत्री इस बार चुनाव हारे
पिछली बार केंद्र में मंत्री रहे 7 सांसद इस बार चुनाव हार गए। इनमें स्मृति ईरानी, साध्वी निरंजन ज्योति, संजीव बालियान, भानू प्रताप वर्मा, अजय मिश्रा टेनी, कौशल किशोर, महेंद्र नाथ पांडेय को छोड़कर बाकी 5 चेहरों को रिपीट किया गया है।
राजनाथ पहली, जयंत-बघेल तीसरी, जितिन-अनुप्रिया चौथी लाइन में
शपथ लेने से पहले सुबह पीएम मोदी ने मीटिंग ली। इसमें राजनाथ सिंह सबसे पहली लाइन में अमित शाह के बगल में बैठे नजर आए। जबकि जयंत चौधरी और एसपी सिंह बघेल तीसरी लाइन, जितिन प्रसाद और अनुप्रिया एक साथ चौथी लाइन में बैठे नजर आए। मोदी मंत्रिमंडल में जातीय और क्षेत्रीय समीकरण का ध्यान रखा गया है।
9 नामों में सबसे ज्यादा 4 नाम ओबीसी समुदाय से हैं। 3 सामान्य वर्ग (एक ब्राह्मण और दो ठाकुर) और 2 दलित वर्ग से हैं। क्षेत्र के हिसाब से बात की जाए तो पश्चिम यूपी से सबसे ज्यादा 4, पूर्वांचल से 3 और अवध यानी मध्य क्षेत्र से 2 नाम हैं।
यूपी से एनडीए के दो सहयोगी दल को जगह
यूपी के 4 क्षेत्रीय दल एनडीए का हिस्सा हैं। इसमें अपना दल (एस), रालोद, सुभासपा और निषाद पार्टी हैं। रालोद के 2 सांसद हैं, अपना दल (एस) की अनुप्रिया इकलौती सांसद हैं। जबकि सुभासपा और निषाद पार्टी के एक भी सांसद चुनाव नहीं जीते हैं।
मंत्रिमंडल को समझिए…
शपथ ग्रहण को लेकर यूपी में दिनभर के अपडेट्स देखिए…
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