Narendra Modi Cabinet 2024: खुद से छह साल बड़े नेता को भी नरेंद्र मोदी को बनाना पड़ा मंत्री, यूपी, बिहार से सांसद घटे, पर मंत्री बढ़े – Jansatta

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Narendra Modi Cabinet List: लोकसभा चुनाव 2024 के बाद नरेंद्र मोदी के नेतृत्‍व में एनडीए ने तीसरी बार सरकार बना ली है। इस बार भाजपा को बहुमत नहीं म‍िला है और इसका असर नरेंद्र मोदी के मंत्र‍िमंडल के गठन में भी देखा जा सकता है। कभी 75 साल से ज्‍यादा उम्र के नेताओं के ‘संन्‍यास’ की वकालत करने वाले नरेंद्र मोदी को जीतन राम मांझी को मंत्री बनाना पड़ा है।
मांझी 79 साल के हैं। मोदी से छह साल बड़े हैं। वह चुनाव से ऐन पहले एनडीए में आए और अपनी पार्टी (हम) के इकलौते सांसद चुने जाने के बाद मंत्री बन गए।
गठबंधन की मुश्‍क‍िल के रूप में एनसीपी (अजीत पवार गुट) की ओर से मंत्री पद की पेशकश से इनकार भी सामने आया है। पार्टी को एक मंत्री पद म‍िल रहा था। पार्टी ने इसके ल‍िए प्रफुल पटेल का चयन क‍िया, लेक‍िन राज्‍य मंत्री की पेशकश म‍िलने पर यह कह कर नकार द‍िया क‍ि पटेल कैब‍िनेट मंत्री रह चुके हैं, इसल‍िए राज्‍य मंत्री नहीं बन सकते।
लोकसभा चुनाव 2024 में उत्तर प्रदेश और बिहार में इस बार एनडीए के सांसदों की संख्या जरूर घटी है, लेकिन मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में इन राज्यों से मंत्री बनने वालों की संख्या का प्रतिशत बढ़ा है।
80 लोकसभा सीटों वाले उत्तर प्रदेश में इस बार बीजेपी को 33, राष्ट्रीय लोक दल को 2, अपना दल(एस) को एक सीट पर जीत मिली है। कुल मिलाकर एनडीए 36 लोकसभा सीटों पर जीता है जबकि इंडिया गठबंधन के हिस्से में 43 सीटें आई हैं। इसमें से समाजवादी पार्टी को 37 और कांग्रेस को 6 सीटों पर जीत मिली है।
2019 में उत्तर प्रदेश में एनडीए को 64 सीटें मिली थी और 14 नेताओं को मोदी मंत्रिमंडल में जगह मिली थी। लेकिन इस बार 36 सीटें मिलने पर भी 11 सांसदों को मंत्री बनाया गया है। 11 मंत्रियों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हैं।
मोदी सरकार में उत्तर प्रदेश से राजनाथ सिंह, हरदीप सिंह पुरी को कैबिनेट मंत्री का दर्जा मिला है जबकि राष्ट्रीय लोकदल के प्रमुख जयंत चौधरी को राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) का दर्जा दिया गया है। राज्य मंत्री बनने वालों में महराजगंज सीट से सांसद पंकज चौधरी, आगरा से सांसद एसपी सिंह बघेल, बांसगांव से सांसद कमलेश पासवान, अपना दल (एस) की अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल, पीलीभीत से सांसद जितिन प्रसाद और गोंडा से सांसद कीर्ति वर्धन सिंह शामिल हैं।
उत्तर प्रदेश से मंत्रियों का चयन करते वक्त जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों का भी पूरा ख्याल रखा गया है। मोदी सरकार में उत्तर प्रदेश से ब्राह्मण वर्ग से जितिन प्रसाद, क्षत्रिय वर्ग से राजनाथ सिंह व कीर्ति वर्धन सिंह, ओबीसी में से पंकज चौधरी, अनुप्रिया पटेल, जयंत चौधरी और बीएल वर्मा और दलित समुदाय से एसपी सिंह बघेल और कमलेश पासवान शामिल हैं। अल्पसंख्यक कोटे से हरदीप सिंह पुरी को जगह मिली है।
उत्तर प्रदेश से जयंत चौधरी, कमलेश पासवान, कीर्ति वर्धन सिंह और जितिन प्रसाद नए चेहरे के रूप में शामिल हुए हैं। हालांकि जितेंद्र प्रसाद यूपीए सरकार में राज्य मंत्री का दायित्व निभा चुके हैं।
उत्तर प्रदेश के बाद सबसे ज्यादा मंत्री बिहार से हैं। बिहार से 4 कैबिनेट और चार राज्य मंत्री मिलाकर कुल 8 मंत्री बनाए गए हैं। बिहार में पिछली बार 40 में से 39 लोकसभा सीटें जीतने वाला एनडीए गठबंधन इस बार 30 सीटें ही जीत सका है। लेकिन इसके बाद भी मंत्रियों की संख्या बढ़ी है। पिछली बार बिहार से एनडीए सरकार में पांच नेताओं को मंत्री बनाया गया था। एनडीए गठबंधन में बीजेपी और जेडीयू ने 12-12, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने 5 और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेकुलर) ने 1 सीट पर जीत हासिल की है।
बिहार में इंडिया गठबंधन में शामिल आरजेडी ने 4, कांग्रेस को 3 और सीपीआई (एमएल) (एल) ने 2 सीटों पर जीत दर्ज की है।
बिहार से मंत्रियों का चयन करते वक्त एनडीए ने जातीय समीकरणों को ध्यान में रखा है। कुल बनाए गए आठ मंत्रियों में से सवर्ण समुदाय से आने वाले सतीश चंद्र दुबे, राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह और गिरिराज सिंह, दलित वर्ग से आने वाले हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेकुलर) के प्रमुख जीतन राम मांझी और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान को मंत्रिमंडल में जगह मिली है।
रामनाथ ठाकुर और राज भूषण चौधरी को मोदी मंत्रिमंडल में शामिल करके अति पिछड़ा समुदाय को साधा गया है। इसके अलावा नित्यानंद राय भी एक बार फिर से मंत्री बने हैं। नित्यानंद राय पिछड़ा समुदाय से आते हैं।
बिहार से इस बार मोदी मंत्रिमंडल में राजपूत समुदाय के किसी नेता को जगह नहीं मिली है। पिछली सरकार में आरा से सांसद रहे आरके सिंह मंत्री बने थे लेकिन इस बार राजपूत समुदाय के किसी नेता को मंत्री बनने का मौका नहीं मिला।
जीतन राम मांझी की उम्र 79 साल हो चुकी है। वह बिहार के मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं। मांझी इस बार गया की लोकसभा सीट से चुनाव जीते हैं। मांझी लंबे वक्त तक नीतीश कुमार के साथ जेडीयू में रहे। नीतीश कुमार ने ही उन्हें बिहार का मुख्यमंत्री बनाया था। लेकिन बाद में नीतीश के साथ उनके रिश्ते बिगड़ गए और उन्होंने अपनी पार्टी बनाई। मांझी बिहार में महागठबंधन सरकार में भी रह चुके हैं।
कुल मिलाकर मोदी सरकार में प्रधानमंत्री सहित 72 मंत्री बनाए गए हैं। इससे पहले 2014 और 2019 में कभी भी एक साथ इतनी बड़ी संख्या में नेताओं को मंत्री नहीं बनाया गया था। मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में 30 कैबिनेट मंत्री, पांच स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और 36 राज्य मंत्री बनाए गए हैं।
बीजेपी ने लोकसभा चुनाव में अपने दम पर 370 सीटें जीतने का नारा दिया था लेकिन वह 240 सीटें ही जीत सकी। हालांकि उसने एनडीए के साथ मिलकर बहुमत का आंकड़ा हासिल कर लिया।
बीजेपी से प्रधानमंत्री समेत 61 नेता मंत्री बने हैं जबकि टीडीपी से दो और जेडीयू से भी दो सांसदों ने मंत्री पद की शपथ ली है। 36 सांसद ऐसे हैं जिन्हें मोदी सरकार में दोबारा मंत्री बनने का मौका मिला है। नियमों के मुताबिक सरकार में कुल 81 मंत्री बनाए जा सकते हैं। इस तरह आने वाले वक्त में कैबिनेट विस्तार में 9 और नेताओं को जगह मिल सकती है।

नरेंद्र मोदी ने तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। उनके साथ 71 मंत्रियों ने भी शपथ ली, जिनमें बीजेपी के जॉर्ज कुरियन भी शामिल हैं। कुरियन बीजेपी के संगठन में मजबूत नाम हैं और केरल में पार्टी के लिए काम किया है। वह 1980 के दशक से बीजेपी में हैं और कई पदों पर रहे हैं।

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