नरेंद्र मोदी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने पर पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने बधाई दी है। शरीफ ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा, “तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने पर मोदी जी को मेरी हार्दिक बधाई। चुनावों में आपकी पार्टी की सफलता आपके नेतृत्व में लोगों का भरोसा दिखाती है।”
नवाज शरीफ ने आगे लिखा, “आइए हम नफरत की जगह उम्मीद लाएं और इस मौके पर दक्षिण एशिया के दो अरब (200 करोड़) लोगों की किस्मत को बदलें।” इससे पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने नरेंद्र मोदी को चुनावी नतीजों के 6 दिन बाद बधाई दी थी।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मोदी को एक लाइन की बधाई देते हुए लिखा,’ नरेंद्र मोदी को भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ लेने के लिए शुभकामनाएं।’ शाहबाज शरीफ शनिवार को ही चीन के दौरे से पाकिस्तान लौटे हैं। इससे पहले जब भारत के चुनावी नतीजों पर किए सवाल पर पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा था कि हम सरकार बनने का इंतजार करेंगे। उसी के बाद कुछ कहेंगे।
‘भारत ने गलत बयानबाजी की हम जिम्मेदार बने रहे’
भारत में नई सरकार पर पाकिस्तान ने कहा था कि वह सभी पड़ोसी देशों के साथ अच्छे रिश्ते चाहता है। वह किसी भी विवाद को बातचीत के जरिए सुलझाने को तैयार है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मुमताज जहरा बलोच ने शुक्रवार को कहा था, “भारत की तरफ से हो रही बयानबाजी और तमाम मुश्किलों के बावजूद हमने जिम्मेदार रवैया अपनाया है।”
मुमताज ने आगे कहा, “हम भारत के साथ जम्मू-कश्मीर के विवाद समेत सभी मसलों को बातचीत के जरिए हल निकालने को तैयार हैं। हम शांतिपूर्ण तरह से साथ मिलकर आगे बढ़ने में विश्वास रखते हैं। हमें उम्मीद है कि दोनों देशों में शांति बनाए रखने के लिए भारत भी बातचीत से समस्याओं का हल निकालने की कोशिश करेगा।”
‘भारत-पाक संबंधों का खास इतिहास रहा है’
पिछले 4 महीनों में पाकिस्तान के अलग-अलग मंत्री कई बार भारत से रिश्ते सुधारने को लेकर बयान दे चुके हैं। अप्रैल में रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने उम्मीद जताई थी कि भारत में लोकसभा चुनाव खत्म होने के बाद दोनों देशों के रिश्ते सुधरेंगे। उन्होंने कहा था कि भारत-पाक संबंधों का अपना एक खास इतिहास रहा है। ऐसे में चुनाव के बाद हालात बदलने की उम्मीद है।
इससे पहले 23 मार्च को पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने कहा था कि पाकिस्तान का व्यापारिक समुदाय भारत के साथ व्यापार बहाल करना चाहता है। सरकार मामले से जुड़े लोगों से सलाह लेकर सभी प्रस्तावों की समीक्षा के बाद निर्णय लेगी।
PAK मंत्री ने कहा था- मोदी को हराना ही होगा, इससे भारत-पाकिस्तान के रिश्ते सुधरेंगे
दूसरी तरफ लोकसभा चुनाव के नतीजे आने से कुछ ही दिन पहले पाकिस्तान के पूर्व मंत्री फवाद चौधरी ने कहा था कि वे चाहते हैं नरेंद्र मोदी यह चुनाव हार जाएं। फवाद ने कहा था कि पाकिस्तान में हर कोई यह चाहता है। भारत पाकिस्तान के रिश्ते तभी सुधरेंगे, जब दोनों देशों में अतिवाद कम होगा।
फवाद ने आगे कहा था कि भारत में RSS और BJP लगातार पाकिस्तान के लिए लोगों के दिलों में नफरत भर रहे हैं। नरेंद्र मोदी की सोच कट्टरपंथी है। उनकी शिकस्त होना बहुत जरूरी है। जो भी उनको हराएगा चाहे वे राहुल हों, केजरीवाल हों या ममता बनर्जी हों, उसके साथ हमारी शुभकामनाएं हैं।
आर्टिकल 370 हटने के बाद और खराब हुए भारत-पाक संबंध
भारत की केंद्र सरकार ने 5 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाया था। इस आर्टिकल के तहत जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा दिया गया था। इसे खत्म करने के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध बेहद खराब हो गए थे।
उस वक्त पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान थे। उन्होंने कहा था कि जब तक जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 बहाल नहीं किया जाएगा, तब तक भारत से कोई बातचीत नहीं होगी।
इधर, भारत ने भी कहा था कि जब तक आतंकियों पर कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक बातचीत का सवाल ही नहीं। तब से 4 चार साल बाद तक 5 अगस्त के दिन पाकिस्तान देशभर में भारत के खिलाफ धरने-प्रदर्शन कराता है।
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