चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव 2024 का ऐलान कर दिया है। देश में 7 और झारखंड में 4 चरणों में चुनाव होंगे। शुरुआत के तीन फेज में प्रदेश में कोई वोटिंग नहीं है। चौथे चरण 13 मई से झारखंड में मतदान शुरू होगा। चौथे चरण 13 मई को राज्य की कुल 4 सीटों पर वोटिंग ह
छठे चरण में 25 मई को 4 सीटों पर वोटिंग होगी, इसमें राजधानी रांची और लौहनगरी जमशेदपुर की सीट भी शामिल है। वहीं सातवें और आखिरी चरण में 1 जून को 3 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। 4 जून को काउंटिंग होगी। पिछली बार भी झारखंड में चार फेज में वोटिंग हुई थी।
लोकसभा चुनाव के साथ झारखंड के गांडेय सीट पर उप चुनाव भी होगा। पांचवें फेज 20 मई की वोटिंग के दौरान गांडेय में उपचुनाव के लिए वोट डाले जाएंगे। जेएमएम विधायक सरफराज अहमद के इस्तीफे के बाद ये सीट खाली हुई है।
चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव की तारीख में संवेदनशील और अतिसंवेदनशील क्षेत्र का विशेष ध्यान रखा है। झारखंड में वोटर्स की कुल संख्या 2 करोड़ 53 लाख 86 हजार 152 है। एक साल में वोटर्स की संख्या में 3.49 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
एक तरफ चुनाव की तारीख का ऐलान हो गया है तो दूसरी तरफ यूपीए और एनडीए में सीट बंटवारे को लेकर अभी तक तस्वीर साफ नहीं है। भाजपा ने अब तक 11 सीटों पर उम्मीदवार का ऐलान कर दिया है। तीन सीट पर अभी एनडीए गठबंधन को लेकर कोई सहमति नहीं बनी है। गिरिडीह सीट आजसू के हिस्से जाना तय है। यूपीए ने भी अभी तक सीट बंटवारे को लेकर आधिकारिक तौर पर जानकारी साझा नहीं की है। सूत्र बताते हैं जेएमएम- 6 कांग्रेस- 6, दो सीट अन्य के खाते में जा सकती है।
पिछले लोकसभा चुनाव 2019 की बात करे तो झारखंड में 4 चरणों में मतदान हुए थे। पहले चरण में चतरा, लोहरदगा और पलामू की लोकसभा सीट पर मतदान हुआ। इस दौरान कुल वोट प्रतिशत 69.1% रहा। वहीं 2014 को लोकसभा चुनाव में झारखंड में तीन चरण में पूरा हुआ था। तीन चरण के मतदान में कुल वोट – 63.9% वोट मिले। जबकि 2009 में 2 चरणों में मतदान हुए थे। इस दौरान कुल वोट प्रतिशत 50.9% रहा।
संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष ध्यान
झारखंड में 2019 के लोकसभा चुनाव में नक्सल बड़ी समस्या थी, अब राज्य में कोल्हान के इलाके को नक्सलियों का प्रभाव बढ़ा है। बोकारो बूढ़ा पहाड़ जो अब नक्सलियों का गढ़ माना जाता था, वो अब नक्सल मुक्त है। हजारीबाग में हाल में हुए नक्सली हमले जिसमें सड़क निर्माण में लगे कई वाहनों में आग लगा दिया गया। नक्सलियों की उपस्थिति को जाहिर करते हैं। इसके साथ ही लातेहार, लोहरदगा, पलामू, गढ़वा, सरायकेला-खरसांवा, बोकारो, गिरिडीह, पश्चिम सिंहभूम, खूंटी, सिमडेगा, चतरा, गुमला और रांची के ज्यादा इलाके संवेदनशील क्षेत्र में आते हैं। लोकसभा चुनाव के ऐलान में राज्य में इसका खास ध्यान रखा गया है कि कौन से इलाके नक्सल प्रभावित हैं। कौन संवेदनशील क्षेत्र हैं और कौन अतिसंवेदनशील इलाके हैं।
हर बार झारखंड में बढ़ा वोट प्रतिशत
तीन लोकसभा चुनावों पर नजर डालें तो राज्य में लोकसभा चुनाव को लेकर मतदान प्रतिशत बढ़ा है। साथ ही चुनाव आयोग ने इस बात का भी ध्यान रखा है कि चुनाव के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हो। चुनाव आयोग की बेहतर तैयारी हर बार वोट प्रतिशत के आंकड़े के साथ नजर आई है।
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लोकसभा चुनाव की तारीख का ऐलान हो गया। झारखंड में एकबार फिर मुकाबला एनडीए और इंडी गठबंधन के बीच होगा। इंडी गठबंधन का नाम नया है, लेकिन अलायंस में दल वही यूपीए वाले हैं। एनडीए में बीजेपी-आजसू और जेडीयू है, तो इंडी गठबंधन में जेएमएम, कांग्रेस, राजद और लेफ्ट की पार्टियां है। बीजेपी ने 11 सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है। संभावना यह भी जताई जा रही है कि यूपीए में कांग्रेस-जेएमएम के साथ वाम दल भी एक सीट से चुनाव लड़ सकता है। एनडीए ने मोदी सरकार के दो कार्यकाल में झारखंड की 12 सीटों पर कब्जा किया। वहीं मनमोहन सिंह के कार्यकाल में 2009 में भाजपा ने झारखंड की आठ सीटों पर कब्जा किया था। वहीं चार सीटों में से गठबंधन के खाते में 2 और दो सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत दर्ज की थी। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।
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