एक वक्त था जब संघ का दर्शन… बीजेपी के लिए विजन का काम करता था… देश ने वो भी देखा जब नागपुर ने फैसला लिया.. तो दिल्ली में एनडीए सरकार को झुकना पडा… हालांकि पिछले दस साल दिल्ली ऑटो पायलट मोड पर चली… संघ से दूर वाला दुआ सलाम था.. क्योंकि कॉकपिट में मोदी की पावरफुल टीम थी… वो भी प्रचंड बहुमत के साथ… मगर अबकी बार गठबंधन सरकार के गठन के बाद… नागपुर से लेकर जयपुर तक संघ आक्रमक मुद्रा में है… और इस बार निशाने पर विपक्ष नहीं… बीजेपी है… वही बीजेपी जो संघ की विचारधारा से पैदा हुई… सवाल है कि राम के नाम पर बीजेपी को आइना क्यों दिखाया जा रहा है… क्या संघ कुछ बड़ा सोच रहा है.. आगे का प्लान तैयार है?
