सकारात्मक पहल न होने पर होगा व्यापक आंदोलन
देवरिया। यूजीसी 2026 विनियमों को लेकर जारी बहस के बीच समान न्याय संघर्ष समिति ने अपनी आवाज तेज कर दी है। समिति ने हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद कहा कि उभरती परिस्थितियां देश के छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़ी बेहद अहम हैं।
समिति के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन किसी जाति, वर्ग या समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि उन नीतिगत प्रावधानों के विरोध में है जो समान अवसर और न्याय के सिद्धांतों को प्रभावित करते हैं। उन्होंने न्यायालय के निर्देशों का सम्मान करते हुए यह भी कहा कि मौजूदा व्यवस्था में अभी व्यापक सुधार और संतुलन की जरूरत है।
इसी क्रम में देवरिया में समिति के सदस्यों ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और यूजीसी के चेयरमैन को पंजीकृत डाक से पत्र भेजकर पुनर्विचार की मांग की है। समिति का कहना है कि सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखते हुए न्यायपूर्ण समाधान निकाला जाना चाहिए।
समिति ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक पहल नहीं हुई, तो व्यापक जन-जागरण अभियान और शांतिपूर्ण आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस दौरान त्रिभुवन दत्त मिश्रा, सच्चिदा सिंह राणा, डॉ. सौरभ श्रीवास्तव, रवि प्रकाश मिश्रा ‘छोटे’, नित्यानंद उपाध्याय, मारकंडे पति त्रिपाठी, संजीव कुमार मिश्रा, अमूल रत्न मणि त्रिपाठी व डॉ. एस.के. पाठक सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
