लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण में कुल 87 सीटों पर वोटिंग होनी है। साल 2019 के लोकसभा चुनाव में इन 87 में से 62 सीटों पर बीजेपी और इसके सहयोगी दलों को जीत मिली थी। जीत प्रतिशत के लिहाज से देखें तो यह आंकड़ा 71% रहा था। चुनाव आयोग ने इस चरण में 89 सीटों पर मतदान कराने की घोषणा की थी। लेकिन मध्य प्रदेश के बैतूल में एक उम्मीदवार की मौत हो जाने के कारण इस सीट पर और आउटर मणिपुर सीट के कुछ मतदान केंद्रों पर 7 मई को वोटिंग कराई जाएगी।
कांग्रेस को पिछले लोकसभा चुनाव में जिन 52 सीटों पर जीत मिली थी उनमें से 18 सीटों पर इस चरण में मतदान होना है। इसमें 2019 में केरल में कांग्रेस के द्वारा जीती गई 15 सीटें भी शामिल हैं।
इस तरह देखा जाए तो लोकसभा चुनाव 2024 के दूसरे चरण के मतदान में बीजेपी के लिए अपना दबदबा कायम रखने की चुनौती है, जबकि कांग्रेस के लिए अपनी सीटें बढ़ाने का अवसर है।
अब दूसरे चरण में जिन राज्यों में मतदान होना है, वहां के राजनीतिक हालात पर एक नजर डालते हैं और समझते हैंं कि कहां सत्ताधारी भाजपा और मुख्य विपक्षी कांग्रेस के लिए क्या चुनौतियां और अवसर हैं।
असम में बीजेपी 2016 और 2021 के लोकसभा चुनाव में लगातार जीत हासिल कर चुकी है। इससे पहले वहां कांग्रेस ने लगातार 15 साल तक शासन किया था। 2019 में बीजेपी ने 14 सीटों वाले असम में 10 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 9 सीटें जीती थीं।
बिहार की बात करें तो यहां बीजेपी अपने सहयोगियों जेडीयू, राष्ट्रीय लोक मोर्चा, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा और चिराग पासवान की अगुवाई वाली लोक जनशक्ति पार्टी के साथ मिलकर सियासी रण में है। 2019 में राज्य की 40 में से 39 सीटों पर एनडीए गठबंधन ने जीत हासिल की थी। यहां उसका मुकाबला इंडिया गठबंधन में शामिल राजद, कांग्रेस, वीआईपी और वाम दलों से है।
कर्नाटक में 2023 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने बड़ी जीत हासिल की थी। बीजेपी यहां अपने पुराने सहयोगी जेडीएस के साथ मिलकर चुनाव मैदान में है। केरल में बीजेपी का खाता पिछली बार नहीं खुला था।
उत्तर प्रदेश में बीजेपी साल 2017 और 2022 के विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज कर चुकी है। लोकसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने निषाद पार्टी, अपना दल (सोनेलाल), राष्ट्रीय लोकदल और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के साथ गठबंधन किया है। यहां उसका मुकाबला कांग्रेस-सपा की अगुवाई वाले इंडिया गठबंधन से है।
छत्तीसगढ़ और राजस्थान में बीजेपी ने दिसंबर 2023 में हुए विधानसभा चुनाव में सत्ता में वापसी की थी। एनडीए ने 2019 के लोकसभा चुनाव में राजस्थान की सभी 25 सीटें जीती थी। इनमें से 24 सीटों पर अकेले बीजेपी को जीत मिली थी। मध्य प्रदेश में बीजेपी ने दिसंबर, 2023 में बड़ी जीत दर्ज कर अपनी सत्ता को बरकरार रखा था।
महाराष्ट्र में बीजेपी मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना और एनसीपी के साथ सत्ता में है लेकिन उद्धव गुट विपक्षी इंडिया गठबंधन में शामिल है। त्रिपुरा में बीजेपी पिछले लगातार दो विधानसभा चुनाव में जीत हासिल कर चुकी है।
केरल में वाम दलों के नेतृत्व में एलडीएफ की सरकार चल रही है। यहां पर एलडीएफ, कांग्रेस की अगुवाई वाले यूडीएफ की कई सीटों पर टक्कर है।राहुल गांधी पिछला चुनाव वायनाड सीट से जीते थे और फिर से यहां से चुनाव लड़ रहे हैं।
पश्चिम बंगाल में बीजेपी का सीधा मुकाबला टीएमसी से है। 2019 के लोकसभा चुनाव में 42 सीटों वाले पश्चिम बंगाल में बीजेपी को 18 सीटें मिली थी जबकि 22 सीटों पर टीएमसी जीती थी। इस बार बीजेपी की कोशिश वहां अपनी सीटें बढ़ाने की है लेकिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अगुवाई में टीएमसी भी अपनी सीटों का आंकड़ा बढ़ाने के लिए पूरी ताकत लगा रही है। टीएमसी ने 2021 के विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत दर्ज की थी।
