लोकसभा 2024 का चुनाव बेहद दिलचस्प रहा. इस बार पिछले दो बार की तरह एग्जिट पोल सही साबित नहीं हुए. नतीजे रुझानों से बिल्कुल अलग थे. हालांकि, इसके बाद भी बीजेपी 240 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी. बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार बनाने को तैयार है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 9 जून की शाम पीएम पद के लिए तीसरी बार शपथ लेंगे. ऐसे में लोगों के मन में इस सवाल के जवाब की उत्सुकता है कि आखिर पीएम मोदी के कैबिनेट में कितने मंत्री शामिल होंगे. चलिए आपको आज इस आर्टिकल में बताते हैं कि सांसदों की संख्या के हिसाब से मोदी कैबिनेट में सबसे ज्यादा मंत्री किस राज्य से बनने चाहिए.
अधिकतम कितने मंत्री बन सकते हैं
सांसदों की संख्या के हिसाब से मोदी कैबिनेट में सबसे ज्यादा मंत्री किस राज्य से बनने चाहिए, इस सवाल का जवाब जानने से पहले आप ये जान लीजिए कि संविधान के अनुसार, मोदी सरकार में अधिकतम कितने मंत्री बन सकते हैं. दरअसल, संविधान (91वां संशोधन) अधिनियम, 2003 बताता है कि देश में संघ और राज्य सरकार दोनों में नियुक्त किए जा सकने वाले मंत्रियों की संख्या अधिकतम कितनी होगी.
संविधान के इस संशोधन के अनुसार, मंत्रिपरिषद में प्रधानमंत्री सहित मंत्रियों की अधिकतम संख्या, लोक सभा के कुल सदस्यों की संख्या के 15 प्रतिशत से ज्यादा नहीं हो सकती. यानी अगर लोकसभा में सदस्यों की संख्या 543 है तो इसका मतलब कि भारत के प्रधानमंत्री के अलावा केवल 80 मंत्री ही और शपथ ले सकते हैं.
लेकिन इस बात पर भी ध्यान देना महत्वपूर्ण है कि मंत्रियों की संख्या सीमित होने के बावजूद, भारत का संविधान केंद्र सरकार के मंत्रालयों या विभागों की संख्या पर कोई विशेष सीमा नहीं लगाता है. आसान शब्दों में समझाएं तो प्रशासनिक आवश्यकताओं, नीतिगत प्राथमिकताओं और प्रधानमंत्री के विवेक के आधार पर मंत्रालयों या विभागों की संख्या अलग-अलग भी हो सकती है.
किस राज्य से कितने मंत्री?
मोदी कैबिनेट में किस राज्य से कितने मंत्री बनने चाहिए, इससे पहले जान लीजिए कि एनडीए को किस राज्य में कितनी सीटें मिली हैं.
अब अगर ऊपर बताए गए 15 प्रतिशत वाला नियम यहां भी लागू करें तो यूपी से 5 से 6 मंत्री बनने चाहिए. महाराष्ट्र से 2 या 3. पश्चिम बंगाल से 1 या 2. बिहार से 4 या 5. कर्नाटक से 3. मध्य प्रदेश से 4 या 5. राजस्थान से 2. दिल्ली से 1. हरियाणा से एक भी नहीं और गुजरात से 3 या 4. हालांकि, ये गणित आधिकारिक रूप से नहीं चलता. प्रधानमंत्री अपने मंत्रिमंडल में किसी भी राज्य से कितने भी मंत्रियों को जगह दे सकता है.
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