UP Lok Sabha Elections 2024: लोकसभा चुनाव 2024 का चुनाव बिगुल बज चुका है। देश में 18वीं लोकसभा के लिए चुनाव 19 अप्रैल को शुरू हुआ। इसके बाद 6 और चरणों में 26 अप्रैल, 7 मई, 13 मई, 20 मई, 25 मई और 1 जून को मतदान होगा। जबकि मतगणना 4 जून को होगी। आज हम उत्तर प्रदेश की हाई प्रोफाइल गाजियाबाद (Ghaziabad Parliament Constituency) सीट के बारे में जानकारी दे रहे हैं। गाजियाबाद में 26 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। गाजियाबाद राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटी हुई है, इसलिए इस सीट पर सभी की नजर रहती है।
गाजियाबाद को गेटवे ऑफ यूपी, यानि उत्तर प्रदेश का द्वार भी कहा जाता है। आगामी लोकसभा चुनाव में विपक्षी गठबंधन I.N.D.I.A. अलायंस के दो महत्वपूर्ण दलों कांग्रेस-सपा ने यूपी में मिलकर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। समझौते के तहत गाजियाबाद लोकसभा सीट कांग्रेस के हिस्से में आई है।
राजनीतिक इतिहास
गाजियाबाद लोकसभा सीट पर साल 2009 से भारतीय जनता पार्टी (BJP) का कब्जा है। गाजियाबाद लोकसभा सीट पर साल 2009 के लोकसभा चुनाव में वर्तमान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जीत दर्ज की थी। राजनाथ सिंह उन दिनों बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे। उन्होंने उस चुनाव में 3,59,430 वोट मिले। दूसरे नंबर पर कांग्रेस पार्टी के सुरेंद्र गोयल रहे, जिनके हिस्से में 2,68,879 वोट आए था।
इसी तरह साल 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में भी बीजेपी के जनरल वीके सिंह ने 5,66,925 वोटों से जीत दर्ज की थी। उन्होंने दिग्गज अभिनेता से नेता बने राजबब्बर को मात दी थी। इसके अलवा पिछले चुनाव में भी वीके सिंह ने प्रचंड बहुमत से जीत दर्ज की थी। लोकसभा चुनाव 2019 में सिंह को 9,42,576 वोट हासिल हुए थे। इस चुनाव में उन्होंने SP-BSP के संयुक्त प्रत्याशी सुरेश बंसल को 4,99,961 वोटों के अंतर से मात दी थी
2024 के उम्मीदवार और सियासी समीकरण
2024 के चुनावों में अतुल गर्ग को अपने उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतारने के बीजेपी के फैसले से कुछ ठाकुर मतदाताओं में असंतोष फैल गया है। गाजियाबाद संसदीय सीट पर इस बार 14 उम्मीदवार मैदान में हैं। वैश्य समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले गर्ग की उम्मीदवारी चुनावी परिदृश्य में एक नई गतिशीलता लाती है। उन्हें ब्राह्मण डॉली शर्मा और ठाकुर समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले बहुजन समाज पार्टी (BSP) के नंदकिशोर पुंढीर से महत्वपूर्ण प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है। गाजियाबाद लोकसभा सीट I.N.D.I.A गठबंधन में कांग्रेस के खाते में गई है। डॉली शर्मा को यहां से कांग्रेस ने प्रत्याशी बनाया है।
गाजियाबाद में लोकसभा क्षेत्र के लिए मैदान में उतरे 14 उम्मीदवारों में से तीन रिश्तेदारों की मौजूदगी से चुनावी परिदृश्य और भी जटिल हो गया है। नंद किशोर पुंडीर, उनकी पत्नी कविता और उनके भतीजे अभिषेक पुंडीर सभी चुनाव लड़ रहे हैं। कविता और अभिषेक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं। गाजियाबाद सीट पर 2009 से बीजेपी का कब्जा है और उस साल रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जीत हासिल की थी। सिंह ने कांग्रेस के सुरिंदर गोयल को बड़े अंतर से हराया।
गाजियाबाद सीट की प्रमुख बातें
– गाजियाबाद जनरल कैटेगरी की संसदीय सीट है।
– गाजियाबाद लोकसभा क्षेत्र की साक्षरता दर 66.71% है।
– गाजियाबाद संसदीय सीट पर SC मतदाताओं की संख्या लगभग 400,741 है, जो 2011 की जनगणना के अनुसार लगभग 14.7% है।
– गाजियाबाद संसदीय सीट पर ST मतदाता लगभग 2,726 हैं, जो 2011 की जनगणना के अनुसार लगभग 0.1% है।
– गाजियाबाद संसदीय सीट पर ग्रामीण मतदाताओं की संख्या लगभग 4,98,882 है, जो 2011 की जनगणना के अनुसार लगभग 18.3% है।
– यहां शहरी मतदाताओं की संख्या लगभग 2,227,250 है, जो 2011 की जनगणना के अनुसार लगभग 81.7% है।
मतदाताओं की संख्या
– 2019 के संसदीय चुनाव के अनुसार गाजियाबाद संसद सीट के कुल 27,26,132 मतदाता हैं।
– 2019 के संसदीय चुनाव के अनुसार गाजियाबाद संसदीय सीट के मतदान केंद्रों की संख्या 2,923 है।
– 2019 के लोकसभा चुनाव में गाजियाबाद संसदीय सीट पर 55.8% मतदान हुए थे।
– 2017 विधानसभा चुनाव में गाजियाबाद संसदीय सीट पर 56.2% मतदान हुआ था।
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First Published: Apr 23, 2024 5:42 PM
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